एक ही सुराग 

पार्ट 4


परमार- सर, अब क्या करना है? 
भौमिक- ओह, परमार तुम आ गए। मैं तुम्हारा ही इंतजार कर रहा था।
परमार- बताए सर क्या करना है अब? 
भौमिक- रात को मैंने एक लिस्ट तैयार की है और अब इन सभी लोगों से हमें मिलना है। अब इस मामले में थोड़ी सी भी ढिलाई हमें भारी पड़ सकती है। 
परमार- जी सर। 
भौमिक- क्योंकि जिस तरह से चैलेंजर हमारी हर खबर रखे हुए हैं, उससे लगता है कि यह हम पर नजर भी रख रहा है। यह बहुत चालाक भी है। अपना कोई सुराग नहीं दे रहा है। हमारी गाड़ी में आकर वो लेटर रखकर चला गया और हमें पता भी नहीं चला। इससे साफ है कि वह हमारे हर मूवमेंट पर नजर रखे हुए हैं। 
परमार- मुझे भी ऐसा ही लग रहा है सर। 
भौमिक- हम गुलाबगंज अगले दिन जाने वाले थे, पर अचानक ही वहां पहुंच गए और वहां हमें एक रेहड़ी वाला लेटर देकर जाता है। उसे कैसे पता चला कि हम गुलाबगंज जा रहे हैं, जो वह वहां लेटर पहुंचाकर आ गया। और अगर हम वहां नहीं पहुंचते तो क्या वो लेटर उस रेहड़ी वाले के पास ही रहता? 
परमार- जी सर, ये तो कहना मुश्किल है। 
भौमिक- वही तो परमार। अब हम इसे हल्के में नहीं ले सकते। सबसे पहले हमें उस व्यक्ति का पता लगाना है, जो इस चैलेंजर के निशाने पर है। इसलिए ही मैंने शहर के कुछ लोगों की लिस्ट बनाई है, अब हमें इन सभी से मिलना है और आगे ये लोग क्या करने वाले हैं, या इनका क्या प्लान है हमें ये सब पता करना होगा। और सबसे बड़ी बात यह है कि इन सभी लोगों को सुरक्षा भी देना होगी या इन पर नजर रखना होगी। क्योंकि अगर मेरा अंदाजा सही है तो इनमें से ही कोई एक उसका निशाना है। 
इतना कहते हुए भौमिक वो लिस्ट भौमिक को भी दिखाता है। फिर दोनों तय करते हैं कि कैसे इन लोगों से मुलाकात करना है और अपनी बात उनके सामने रखना है। क्योंकि एक तो सभी लोग शहर में काफी रूतबा रखते हैं, और उनकी सुरक्षा का जिम्मा सरकार का ही है। ऐसे में अगर किसी को जरा सी भी भनक लग गई कि उन्हें किसी से खतरा है तो काफी हंगामा हो सकता है। मीडिया भी पुलिस के पीछे पड़ जाएगी और चैलेंजर भी सतर्क हो जाएगा। इस कारण जो भी करना है वो बहुत सावधानी से करना है। ऐसा तय कर दोनों लोगों से मिलने के लिए निकल जाते हैं।
एक ही सुराग का 2 पार्ट यहां पढ़े 
लिस्ट के अनुसार एक-एक कर वो दोनों लोगों से मिलना शुरू करते हैं। वहीं कुछ लोग उन्हें मिल नहीं पाते हैं, तो भौमिक और परमार दूसरे व्यक्ति से मिलने के लिए पहुंच जाते हैं। दोनों अब तक पांच लोगों से मिल चुके थे और उनकी गतिविधियों के संबंध में जानकारी ले चुके थे। अब वह जिस शख्स के पास जा रहे थे वह शहर का ऐसा शख्स है, जिसने बहुत कम उम्र में ही बहुत तरक्की हासिल कर ली थी। वो शख्स न सिर्फ बिजनेस में अच्छा नाम बना चुका था, बल्कि एक समाजसेवी के रूप में भी उसकी बहुत ख्याती थी। जल्द वह अपनी राजनैतिक पारी की भी शुरूआत करने वाला था। इस शख्स का नाम था प्रफुल्ल सहाय। मुंबई जैसे शहर में इसने बहुत ही जल्द अपना बहुत बड़ा नाम कर लिया था। भौमिक और परमार दोनों उसके बंगले पर उससे मिलने के लिए पहुंच जाते हैं। प्रफुल्ल का नौकर उन्हें बैठने का कहकर प्रफुल्ल को बुलाने के लिए चला जाता है। प्रफुल्ल अभी नौजवान ही था। उसके रहन-सहन से ही उसकी उपलब्धियों के बारे में कोई भी अंदाजा लगा सकता था। चेहरे पर हमेशा एक मुस्कान रखने के साथ ही उसका चेहरा हमेशा चमकता रहता था। प्रफुल्ल हॉल में आता है और भौमिक से हाथ मिलाता है और फिर उसके सामने ही बैठ जाता है। 
प्रफुल्ल- जी, एसीपी साहब, बताए आज आपको हमारी याद कैसे आ गई? अगर कुछ काम था तो मुझे कॉल कर देते मैं खुद आपके ऑफिस आ जाता। 
भौमिक- जी, प्रफुल्ल जी ऐसा कुछ नहीं है। बस एक छोटी सी जानकारी चाहिए थी, इसलिए मैं खुद ही आ गया। 
प्रफुल्ल- जी बताए मैं कैसे और क्या आपकी मदद कर सकता हूं? 
भौमिक- कोई भी बात करने से पहले मैं आपको एक बात बता देना चाहता हूं कि हमारी जो भी बात होगी वो सिर्फ हमारे बीच ही रहेगी। आपके किसी खास व्यक्ति को भी इस बात का पता न चले। 
प्रफुल्ल- अब आप कह रहे हैं तो ऐसा ही होगा। पर बात क्या है? 
भौमिक विस्तार से प्रफुल्ल को पूरी बात बताता है और कहता है कि उसे शक है कि वह इंसान जो भी है उसका टारगेट प्रफुल्ल भी हो सकता है। भौमिक उसे बताता है कि पुलिस इसके लिए अपनी ओर से पूरी कोशिश करेगी कि वो आप तक पहुंच ही न सके। भौमिक की लिस्ट के अनुसार कुछ और लोग भी है, इस कारण वह बस उन्हें सतर्क कर रहा है। हालांकि पुलिस उन सभी लोगों की पूरी सुरक्षा करेगी। भौमिक की बात सुनते हुए प्रफुल्ल वहां से उठता है और हॉल में ही रखी एक टेबल पर पहुंच जाता है, जहां चेस बोर्ड सजा हुआ था। वह चेस बोर्ड की ओर ध्यान से देखने लगता है। इस बीच भौमिक अपनी बात खत्म करता है।
एक ही सुराग का 3 पार्ट यहां पढ़े 
प्रफुल्ल- एसीपी साहब आप चेस खेलते हैं? 
भौमिक- जी कभी-कभी। क्योंकि नौकरी से कभी फुर्सत ही नहीं मिलती है। हम अपराधियों के पीछे ही भागते रह जाते हैं और चेस खेलने के लिए एक जगह बैठना पड़ता है। 
प्रफुल्ल- आपका सबसे पसंदीदा मोहरा कौन सा है चेस में? 
भौमिक- जी मैं तो सभी को पसंद करता हूं। क्योंकि मोहरा कोई भी हो, खेल जीतना जरूरी होता है और जो गेम जीता दे वहीं मोहरा सबसे अच्छा होता है। 
प्रफुल्ल- मुझे आपका जवाब पसंद आया है एसीपी साहब। पर आपको पता है मेरा पसंदीदा मोहरा घोड़ा है, चलता को ढाई चाल है पर दूसरे मोहरे को चारो खाने चित कर देता है। 

भौमिक- जी आपका कहना भी सही है। वैसे अब मैं आपसे इजाजत चाहूंगा और मेरी बात का विशेष ध्यान रखिएगा। हमारी बात सिर्फ हम तक ही रहे। वैसे पुलिस आपकी सुरक्षा में हमेशा रहेगी। 
प्रफुल्ल- आप चिंता मत कीजिए एसीपी साहब। मैं ऐसी कोरी धमकियों से डरने वालों में से नहीं हूं। मुझे अपनी सुरक्षा करना आता है और वो मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। फिर भी आपको जो करना है कीजिए मैं कोई रोक टोक नहीं करूंगा। और रही बात हमारे बीच रहने की तो यह बात आपके लिए बड़ी हो सकती है, मेरे लिए नहीं। 
भौमिक- जी पर फिर भी आप थोड़ा सतर्क ही रहिएगा और अगर आपको कुछ भी अजीब सा अपने आस-पास लगे तो मुझे तुरंत सूचना दीजिएगा। 
प्रफुल्ल- जी बिल्कुल। 
इतनी बात होने के बाद परमार और भौमिक वहां से निकलते हैं। गेट पर पहुंचने के बाद भौमिक एक बार पलटकर प्रफुल्ल को देखता है। प्रफुल्ल का ध्यान अब भी चेस बोर्ड पर ही था और वह चेस के घोड़े को उठाकर उसे देखता है और फिर मुस्कुराते हुए उसे फिर से चेस बोर्ड पर रखता है और मुस्कुराते हुए कहता है चेक। भौमिक इसके बाद अपनी कार में बैठ जाता है और फिर परमार और भौमिक प्रफुल्ल के घर से निकल जाते हैं। दोनों को घूमते हुए काफी देर हो गई थी इस कारण भौमिक परमार से गाड़ी को उसके ऑफिस की ओर ले जाने के लिए कहता है। कुछ ही देर में दोनों ऑफिस पहुंच जाते हैं। 
परमार- सर 30 लोगों में से आज सिर्फ 6 लोगों से ही मुलाकात हो पाई है। ऐसे तो हमें चार से पांच दिन लग जाएंगे सभी से बात करने में। 
भौमिक- हां, परमार पर अब कर भी क्या सकते है? 
परमार- सर अगर आप कहे तो मैं कुछ कहूं। 
भौमिक- हां, परमार कहो। 
परमार- मैं सोचता हूं सर कि आप सभी को एक बार अपने ऑफिस बुला लीजिए और सभी से एक बार में बात कर लीजिए। इससे हमारा समय भी बच जाएगा और हमारी सभी से बात भी हो जाएगी। 
भौमिक- तुम कह तो सही रहे हो परमार। पर अगर ये खबर कहीं मीडिया को पता चल गई तो हंगामा हो जाएगा। इसलिए हमें एक-एक से ही मिलना होगा। हां ये कर सकते हैं कि हम कल से थोड़ा जल्दी निकले और जल्द से जल्द सभी लोगों से मुलाकात कर लें। 

परमार- ठीक है सर। जैसा आप कहें। 
भौमिक- अब एक काम करो ऑफिस में जो अपने विश्वासपात्र है, उन सभी को बुलाओ। 
परमार- जी सर। 
कुछ ही देर में परमार कुछ लोगों को लेकर केबिन में आ जाता है। भौमिक उन सभी लोगों से कहता है कि हमें एक काम करना है, पर इस काम के बारे में किसी को कुछ भी पता नहीं चलना चाहिए। वह सभी को लोगों को चैलेंजर, उसके खत और उसकी चुनौती के बारे में बताता है और यह भी बताता है कि उसे शहर के 30 लोगों पर नजर रखना है। ताकि उसे यह पता चल सके कि शहर के उन 30 लोगों में से कोई चैलेंजर का टारगेट तो नहीं है। वह अपने ऑफिस के लोगों से कहता है कि उन्हें शहर के उन 30 लोगों की हर गतिविधि पर नजर रखना है कि और यह भी पता करना है कि आगे उनकी क्या प्लानिंग है? हम उन पर नजर रखे हैं, या उनकी कोई जानकारी जुटा रहे हैं यह उन लोगों को भी पता नहीं चलना चाहिए। इसके बाद भौमिक कहता है कि हमें हर हाल में उस चैलेंजर की चुनौती को पूरा करना है और उसे ऐसा कुछ भी करने से रोकना है। 

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