लापता- आखिर किसकी तलाश है... पार्ट 5 Missing- after all, who is looking for ...

 लापता- आखिर किसकी तलाश है... पार्ट 5


लापता- आखिर किसकी तलाश है... पहला पार्ट यहां पढ़े

अब तक आपने पढ़ा...

मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और कमिश्नर और विदेश मंत्री किसी बात को लेकर खासे परेशान है। वे उस समस्या का समाधान चाहते हैं। उनकी समस्या एक मिशन में खोया हुआ व्यक्ति है, जिसकी मिलना उनके और सरकार के लिए बहुत जरूरी है। मिशन सोरम सरकार का एक गुप्त मिशन हुआ करता था। परंतु बाद में इसे बंद कर दिया गया। इस मिशन से जुड़े सभी लोगों की एक बस धमाके में मौत हो गई थी, परंतु इनमें से एक बच निकला था। उस बचे हुए व्यक्ति के बारे में सरकार को 10 साल से कोई सुराग नहीं मिला था। उसकी तलाश का जिम्मा कमिश्नर के कहने पर मुख्यमंत्री मिहिर राजपूत को सौंपते हैं। मिहिर भी अपने मिशन पर निकल जाता है, परंतु उस अब तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। मिशन के दौरान उसे एक बंजारों के वैध के बारे में पता चलता है, जो उस धमाके के बारे में ज्यादा जानकारी दे सकता है, परंतु उस वैध का भी कोई अता पता नहीं है। मिहिर को लगता है कि शायद अब उसका मिशन पूरा नहीं हो पाएगा। 

अब आगे...

मिहिर वापस अपने शहर आ जाता है। यहां आकर सबसे पहले वो अपने दो विश्वासपात्र लोगों को उस वैध का फोटो देकर उसकी तलाश में  लगा देता है। उसके दोनों खास व्यक्ति भी अपने काम के लिए निकल जाते हैं। हालांकि वो उन दोनों इस संबंध में खास हिदायत भी देता है कि इस काम के संबंध में किसी को पता नहीं चलना चाहिए। साथ ही यह भी कहता है कि उसे हर हाल में उस वैध की जानकारी चाहिए। वैध कहां है, कैसा है, क्या करता है,  यदि जिंदा नहीं है तो कब मौत हुई उसकी, मौत से पहले उसके साथ कौन था, वो क्या करता था, अगर कोई उसके साथ था वो अब कहां और क्या करता है? ऐसे ही कई सवालों के जवाब खोजने के लिए मिहिर के वो दोनों व्यक्ति जा चुके हैं। इधर मिहिर मिशन के बारे में सोच रहा है और वो तय करता है कि मिशन सोरम को जो हेड था, एक बार उसके बारे में भी जानकारी जुटाई जानी चाहिए। इसलिए वो कमिश्नर को काॅल करता है। 

लापता- आखिर किसकी तलाश है... दूसरा पार्ट यहां पढ़े 

कमिश्नर आनंद- हां, मिहिर बोलो। 

मिहिर- सर मैं आपसे मिलना चाहता हूं। 

कमिश्नर आनंद- ओके तुम मेरे घर आ जाओ। 

कुछ ही देर में मिहिर कमिश्नर के घर पहंुच जाता है।

कमिश्नर आनंद- हां मिहिर बोलो क्या हुआ ?

मिहिर- सर, मिशन केतु के बारे में मेरा प्रयास जारी है, पर मुझे मिशन सोरम से संबंधित कुछ जानकारी भी चाहिए। 

कमिश्नर आनंद- जितनी जानकारी हमारे पास थी, वह हम तुम्हें बता चुके हैं मिहिर। इससे ज्यादा जानकारी तो मेजर राघव ही दे सकते थे, जो अब इस दुनियां में नहीं है। उनके साथ ही मिशन सोरम से संबंधित जानकारी खत्म हो गई है। 

मिहिर- क्या मुझे उनके घर जाने की इजाजत मिल सकती है सर? 

कमिश्नर आनंद- बिल्कुल मिल सकती है, पर मुझे नहीं लगता कि तुम्हें वहां कुछ मिलेगा, क्योंकि पहले भी कई लोग उनके घर जा चुके हैं। 

मिहिर- तो मैं भी एक बार खुद की तस्सली करना चाहूंगा सर। 

कमिश्नर आनंद- ठीक है मिहिर तुम चले जाओ, वहां तुम्हें हमारा एक एसआई विजय सिंह मिलेगा। 

मिहिर- ठीक है सर। अब मैं चलता हूं। जल्द ही आपसे फिर मुलाकात करूंगा। 

कमिश्नर आनंद- ठीक है मिहिर।  जल्द से जल्द केतु के बारे में कोई खबर दो। 

इसके बाद मिहिर वहां से चला जाता है और अगले दिन सुबह वह मेजर राघव के घर पहंुच जाता है। वहां उसे एसआई विजय सिंह भी मिल जाता है। हालांकि मेजर का घर पूरी तरह से उथल पुथल जैसे कोई तलाशी लेकर गया हो।

मिहिर- विजय सिंह ? 

विजय सिंह- जी, हां आप मिहिर राजपूत? 

मिहिर- जी, हां। आप जानते हैं मुझे? 

लापता- आखिर किसकी तलाश तीसरा पार्ट यहां पढ़े 



विजय सिंह- नहीं सर। पर कल रात कमिश्नर साहब का फोन आया था मेरे पास कि आप यहां आने वाले हैं। 

मिहिर- ओके, पर विजय ये सब क्या है? 

विजय सिंह- सर अब तो इसकी आदत सी हो गई है। हर 10 से 15 दिन में यहां कोई आता है, कुछ तलाश करने की कोशिश करता है और शायद खाली हाथ लौट जाता है। 

मिहिर- पर? 

विजय सिंह- पहले दो चार बार शिकायत की थी मैंने। उसके बाद तो बड़े अधिकारियों ने भी इस पर ध्यान देना बंद कर दिया। अब जब भी कोई घर को इस हाल में छोड़कर जाता है तो कुछ मजदूर बुलाता हूं और फिर से पहले जैसा कर देता हूं। 

मिहिर- चलो ये भी अच्छा है। तो क्या मैं अंदर जाकर देख सकता हूं। 

विजय सिंह- बिल्कुल देखिए सर। आज तो सब बहुत आराम से देख सकते हैं आप। 

मिहिर- हां, देख सकता हूं। पर जो देखना चाहता हूं वह अगर मुझे मिल जाए तो अच्छा है।

इसके बाद मिहिर घर के अंदर चला जाता है। वह घर के हर कमरे को बड़े गौर से देखता है। करीब एक घंटे तक वह घर की तलाश लेता है, पर उसे वहां कुछ नहीं मिलता है। तभी विजय भी घर में आ जाता है। 

विजय सिंह- तो कुछ मिला सर। 

मिहिर- नहीं विजय। लगता है यहां कुछ नहीं है। पर विजय ये तलाशी लेने वाला यहां अब तक कितनी बार आ चुका है। 

विजय सिंह- यही कोई 10 से 12 बार। 

मिहिर- 10 से 12 बार आ चुका है और फिर भी बार-बार आ रहा है। इसका मतलब यहां कुछ तो है, जो न उसे मिल रहा है ना ही हमारी किसी टीम को मिला है। 

विजय सिंह- मुझे भी कुछ ऐसा ही लगता है सर। पर आखिर जो कुछ भी है वो है कहां। क्योंकि कम से कम 20 बार यहां तलाशी ली जा चुकी है, पर आज तक किसी को भी यहां कुछ नहीं मिला है। 

मिहिर- अगर किसी को नहीं मिला है तो फिर हमें उसे तलाश करना ही होगा विजय। क्योंकि यहां ऐसा कुछ तो है जो किसी के लिए बहुत जरूरी है। 

विजय सिंह- हां सर। पर वो जो कुछ भी है वो आखिर है कहां ?

मिहिर- इसी घर में। आओ एक बार फिर से कोशिश करते हैं। 

लापता- आखिर किसकी तलाश चौथा पार्ट यहां पढ़े 



इसके बाद दोनों फिर से घर के हर कमरे की बड़ी पैनी नजरों के साथ तलाशी लेते है। घर मेंने स्टोर रूम में विजय पहुंच जाता है। वहां भी सारा सामान बिखरा पड़ा था। उस कमरे की भी तलाशी लेने के बाद मिहिर उस कमरे से बाहर निकल कर उसका दरवाजा बंद करता है। अचानक उसे कुछ अहसास होता है और वह फिर से दरवाजा खोलता है। दो से तीन बा रवह दरवाजा बंद करता है और फिर खोलता है। इसी बीच विजय भी वहां आ जाता है। मिहिर मुस्कुरा रहा था। 

विजय सिंह- सर, आप मुस्कुरा रहे हैं, लगता है आपको कुछ मिल गया है यहां। 

मिहिर- शायद। जो अब तक किसी को नहीं मिला वो शायद हमें मिल गया है विजय। आओ। पर एक काम करो सबसे पहले तुम घर के बाकि सारे खिड़की दरवाजे बंद कर दो। 

विजय दरवाजे और खिड़की बंद कर आता है। फिर विजय और मिहिर कमरे में फिर से जाते हैं। मिहिर कमरे में बनी एक अलमारी के हिस्से को देखता है और फिर उसके साथ कुछ करता है, तभी वह अलमारी एक साइड की ओर खुल जाती है। हालांकि लंबे समय से बंद रहने के कारण वह कुछ जाम हो गई थी, इस कारण विजय और मिहिर दोनों ताकत लगाकर उसे खोलते है। अलमारी खोलने के बाद उन्हें वहां एक कमरा नजर आता है। कमरे में जाकर मिहिर और विजय चैंक जाते हैं क्योंकि वह खुफिया कमरा था। कमरे में काफी सारी अखबारों की कटिंग के साथ ही एक कंप्यूटर, फोन, कैमरा, कुछ हथियार रखे हुए थे। मिहिर सारा सामान देखता है। वहां उसे कुछ सीडी भी मिलती है। मिहिर और विजय वहां से सारा सामान एक बड़े से बैग में रखते हुए और फिर उस कमरे से बाहर आ जाते हैं। उस अलमारी को फिर से पहले की तरह बंद कर देते हैं।