नमस्कार
जिंदगी
कड़वी मीठी टाइटल से मैं अपनी जिंदगी के कुछ अनुभव कहानी, गीत, कविता
और लेख के माध्यम से प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहा हूं। ब्लॉग पर पहली बार में
अपने अनुभव से आपको रूबरू ना करते हुए एक कहानी कलमबद्ध कर रहा हूं। यह कहानी कई
दिनों से मेरे जेहन में थी, जिसे
आज लिख रहा हूं। कहानी बड़ी है इस कारण अलग-अलग हिस्सों में समय-समय पर प्रस्तुत
करता रहूंगा।
इस
प्रकार की कहानी लिखने का यह मेरा पहला प्रयास है। जिसमें कुछ थ्रिलर, सस्पेंस, कुछ
इत्तेफाक और कुछ गलती है, जो कहानी को रोचक बनाती है। पहला
प्रयास होने के कारण उम्मीद करता हूं कि कुछ गलती मुझसे लेखन में हुई हो तो आप उसे
नजरअंदाज कर देंगे। तो चलिए शुरू करते है अपनी कहानी गलती द मिस्टेक।
गलती - द मिस्टेक
पार्ट 1
शहर के बड़े होटल
में एक पार्टी चल रही थी। पार्टी में शहर के कई बड़े लोग शामिल थे। जैसे कि अक्सर
पार्टियों में होता है तो इस पार्टी में भी जाम छलक रहे थे। एक ओर संगीत भी चल रहा
था तो दूसरी ओर पार्टी में शामिल लोग शहर के हालात से लेकर देश की राजनीति तक
बातें करने में व्यस्त थे। पार्टी में एसीपी भौमिक शर्मा भी थे। वो भी कुछ लोगों
के साथ बातों में मशगूल थे। तभी उनके मोबाइल पर एक कॉल आता है और वो काफी गंभीर हो
जाते हैं। पार्टी से थोड़ा सा दूर जाकर वह अपने कमिश्नर को कॉल कर कुछ जानकारी देकर
जी सर कहते हुए वहाँ से तत्काल रवाना हो जाते है। कुछ ही देर में वो शहर की सड़कों
को छोड़कर गोआ हाइवे पर निकल पड़ते हैं। करीब आधे घंटे के बाद उनकी कार एक हवेलीनुमा
पुरानी बिल्डिंग के पास जाकर रुकती है। यहाँ पहले से ही पुलिस पहुंच गई थी, जिसके कारण कुछ पुलिस
कर्मी घटनास्थल पर अंदर बाहर हो रहे थे। हवेली के बाहर दो एम्बुलेंस भी थी। एसीपी
को घटनास्थल पर आया देख एक पुलिस कर्मी उसके पास भागकर आता है और उसे सलाम करता
है।
भौमिक- क्या हालत
है परमार ?
परमार- सब कुछ
कंट्रोल में है सर।
भौमिक- ओके, गुड़ क्या मामला है?
परमार- सर 4 लोगों की हत्या हुई है, देखने से लगता है कि
चारों एक ही परिवार के है। मरने वालों में एक आदमी, एक औरत और दो बच्चे है
सर।
भौमिक- कैसे हुई
है हत्या कुछ पता चला?
परमार- जी सर, शरीर पर चाकू के वार साफ
नजर आ रहे है। हर किसी की बॉडी पर 4 से 5 वार किए गए हैं।
भौमिक- कोई सुराग
मिला परमार ?
परमार- सुराग तो
मिल है सर, पर मुझे लगता है
केस बहुत उलझाने वाला है।
भौमिक- मतलब?
परमार- सर एक
चाकू मिला है जिस पर बहुत खून लगा है और....
भौमिक- और?
परमार- और 8 लोग है अंदर। जो कुछ
बहुत अजीब ही बात कर रहे हैं
भौमिक- परमार ये
अजीब क्या बात कर रहे है ? अब ये मत कहना कि किसी भूत ने इन सबकी हत्या की है।
परमार- नहीं सर, ये नहीं कह रहा ना तो मैं
और ना ही अंदर बैठे वो 8 लोग
भौमिक- तो फिर
क्या अजीब है ?
परमार- सर सभी 8 लोगों का कहना है कि
हत्या उसने की है और बाकी 7 लोगों का इससे कोई लेना देना नहीं है।
भौमिक- क्या? ये 8 लोग है कौन ?
परमार- सर सभी
कॉलेज स्टूडेंट्स है। और सबसे खास बात तो ये है सर कि सभी vip लोगों के बच्चे है। एक तो
मंत्री जी का बेटा है, एक शहर के बड़े बिल्डर का और दो बड़े बिजनेस मैन के लड़के है।
भौमिक- और बाकि 4?
परमार- सर बाकि 4 लड़कियां है, जो इनकी पर्सनल दोस्त
हैं।
भौमिक- यू मीन
गर्लफ्रैंड ?
परमार- जी सर।
भौमिक- 4 लोगों की हत्या और 8 क़ातिल? और। उनमें भी 7 बेगुनाह। तुम सही कह रहे
थे परमार केस काफी उलझा हुआ है।
परमार- जी सर।
इसके बार भौमिक
और परमार अंदर जाते है। यहाँ चारों लड़के और लड़कियां एक सोफे पर बैठे हुए हैं।
हवेली के एक कमरे में चार लाश पड़ी हुई है। चारों के पेट पर चाकू से कई वार किए गए
है। चारों ओर खून ही खून पड़ा है। भौमिक के दिमाग मे अब एक बात खटक रही है कि कमरे
में 4 खून हुए और चारों
ने ही बचने का कोई प्रयास नहीं किया, क्योंकि कमरे में हर चीज सलीके से रखी हुई नजर
आ रही हूं। भौमिक का मानना है कि यदि बचने का प्रयास किया होता तो कुछ चीजें तो
टूटती या बिखरी होती, पर कमरे में ऐसा कुछ नजर नहीं आ रहा था। फिर भौमिक ने सोचा
कि हो सकता है कि क़ातिल ने सोते हुए हमला किया हो? पर हमला एक पर होता तो
बाकि लोग तो जाग जाते। या ये भी हो सकता है कि चारों को पहले बेहोश किया हो और फिर
चाकू से वार किए गए हो। एक संभावना और थी कि चारों को खाने में कुछ दिया गया हो और
बाद में चाकू से वार किए गए हो। अंत में भौमिक ने मन ही मन तय किया कि जो भी होगा
वो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आ ही जाएगा। उसने परमार को सभी बॉडी को
पोस्टमार्टम के लिए भिजवाने के लिए कहा और खुद कमरे को गौर से देखने लगा। काफी देर
तक रूम को देखने के बाद भी उसे ऐसा कुछ नहीं मिला, जिससे कि वो क़ातिल की कोई
पहचान कर सके। उसके बाद वो उन 8 लोगों के पास पहुंच गया, जहां परमार पहले से ही
सभी के नाम, पते और मोबाइल
नंबर नोट कर रहा था। इसी बीच उन सभी के माता-पिता भी हवेली पर पहुंच गए थे। सभी
उन्हें घर लेकर जाना चाह रहे थे, परन्तु भौमिक ने किसी को भी जाने नहीं दिया, क्योंकि सभी खुद को उन
चारों का क़ातिल बता रहे थे। इसलिए सभी को हिरासत में ले लिया गया। शहर के कई बड़े
लोगों के बच्चों के नाम केस से जुड़ जाने के कारण केस काफी गंभीर भी हो गया था।
दूसरी और जिनकी हत्या हुई थी वो भी शहर के बहुत बड़े हार्ट सर्जन डॉ. अविनाश
सक्सेना थे। उनके साथ उनकी पत्नी आरती, 12 साल का बेटा आरुष और 8 साल की बेटी भव्या थी। अब
जो बात सामने आ रही थी वो यह थी कि शहर से 30 किलोमीटर दूर डॉ. अविनाश अपने परिवार के साथ
क्या कर रहे थे और मंत्री जी, बिल्डर और दो बिजनेसमैन के बेटे अपनी गर्लफ्रैंड
के साथ इस हवेली में क्या करने आए थे?
क्रमशः
पार्ट 1
शहर के बड़े होटल
में एक पार्टी चल रही थी। पार्टी में शहर के कई बड़े लोग शामिल थे। जैसे कि अक्सर
पार्टियों में होता है तो इस पार्टी में भी जाम छलक रहे थे। एक ओर संगीत भी चल रहा
था तो दूसरी ओर पार्टी में शामिल लोग शहर के हालात से लेकर देश की राजनीति तक
बातें करने में व्यस्त थे। पार्टी में एसीपी भौमिक शर्मा भी थे। वो भी कुछ लोगों
के साथ बातों में मशगूल थे। तभी उनके मोबाइल पर एक कॉल आता है और वो काफी गंभीर हो
जाते हैं। पार्टी से थोड़ा सा दूर जाकर वह अपने कमिश्नर को कॉल कर कुछ जानकारी देकर
जी सर कहते हुए वहाँ से तत्काल रवाना हो जाते है। कुछ ही देर में वो शहर की सड़कों
को छोड़कर गोआ हाइवे पर निकल पड़ते हैं। करीब आधे घंटे के बाद उनकी कार एक हवेलीनुमा
पुरानी बिल्डिंग के पास जाकर रुकती है। यहाँ पहले से ही पुलिस पहुंच गई थी, जिसके कारण कुछ पुलिस
कर्मी घटनास्थल पर अंदर बाहर हो रहे थे। हवेली के बाहर दो एम्बुलेंस भी थी। एसीपी
को घटनास्थल पर आया देख एक पुलिस कर्मी उसके पास भागकर आता है और उसे सलाम करता
है।
भौमिक- क्या हालत
है परमार ?
परमार- सब कुछ
कंट्रोल में है सर।
भौमिक- ओके, गुड़ क्या मामला है?
परमार- सर 4 लोगों की हत्या हुई है, देखने से लगता है कि
चारों एक ही परिवार के है। मरने वालों में एक आदमी, एक औरत और दो बच्चे है
सर।
भौमिक- कैसे हुई
है हत्या कुछ पता चला?
परमार- जी सर, शरीर पर चाकू के वार साफ
नजर आ रहे है। हर किसी की बॉडी पर 4 से 5 वार किए गए हैं।
भौमिक- कोई सुराग
मिला परमार ?
परमार- सुराग तो
मिल है सर, पर मुझे लगता है
केस बहुत उलझाने वाला है।
भौमिक- मतलब?
परमार- सर एक
चाकू मिला है जिस पर बहुत खून लगा है और....
भौमिक- और?
परमार- और 8 लोग है अंदर। जो कुछ
बहुत अजीब ही बात कर रहे हैं
भौमिक- परमार ये
अजीब क्या बात कर रहे है ? अब ये मत कहना कि किसी भूत ने इन सबकी हत्या की है।
परमार- नहीं सर, ये नहीं कह रहा ना तो मैं
और ना ही अंदर बैठे वो 8 लोग
भौमिक- तो फिर
क्या अजीब है ?
परमार- सर सभी 8 लोगों का कहना है कि
हत्या उसने की है और बाकी 7 लोगों का इससे कोई लेना देना नहीं है।
भौमिक- क्या? ये 8 लोग है कौन ?
परमार- सर सभी
कॉलेज स्टूडेंट्स है। और सबसे खास बात तो ये है सर कि सभी vip लोगों के बच्चे है। एक तो
मंत्री जी का बेटा है, एक शहर के बड़े बिल्डर का और दो बड़े बिजनेस मैन के लड़के है।
भौमिक- और बाकि 4?
परमार- सर बाकि 4 लड़कियां है, जो इनकी पर्सनल दोस्त
हैं।
भौमिक- यू मीन
गर्लफ्रैंड ?
परमार- जी सर।
भौमिक- 4 लोगों की हत्या और 8 क़ातिल? और। उनमें भी 7 बेगुनाह। तुम सही कह रहे
थे परमार केस काफी उलझा हुआ है।
परमार- जी सर।
इसके बार भौमिक
और परमार अंदर जाते है। यहाँ चारों लड़के और लड़कियां एक सोफे पर बैठे हुए हैं।
हवेली के एक कमरे में चार लाश पड़ी हुई है। चारों के पेट पर चाकू से कई वार किए गए
है। चारों ओर खून ही खून पड़ा है। भौमिक के दिमाग मे अब एक बात खटक रही है कि कमरे
में 4 खून हुए और चारों
ने ही बचने का कोई प्रयास नहीं किया, क्योंकि कमरे में हर चीज सलीके से रखी हुई नजर
आ रही हूं। भौमिक का मानना है कि यदि बचने का प्रयास किया होता तो कुछ चीजें तो
टूटती या बिखरी होती, पर कमरे में ऐसा कुछ नजर नहीं आ रहा था। फिर भौमिक ने सोचा
कि हो सकता है कि क़ातिल ने सोते हुए हमला किया हो? पर हमला एक पर होता तो
बाकि लोग तो जाग जाते। या ये भी हो सकता है कि चारों को पहले बेहोश किया हो और फिर
चाकू से वार किए गए हो। एक संभावना और थी कि चारों को खाने में कुछ दिया गया हो और
बाद में चाकू से वार किए गए हो। अंत में भौमिक ने मन ही मन तय किया कि जो भी होगा
वो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आ ही जाएगा। उसने परमार को सभी बॉडी को
पोस्टमार्टम के लिए भिजवाने के लिए कहा और खुद कमरे को गौर से देखने लगा। काफी देर
तक रूम को देखने के बाद भी उसे ऐसा कुछ नहीं मिला, जिससे कि वो क़ातिल की कोई
पहचान कर सके। उसके बाद वो उन 8 लोगों के पास पहुंच गया, जहां परमार पहले से ही
सभी के नाम, पते और मोबाइल
नंबर नोट कर रहा था। इसी बीच उन सभी के माता-पिता भी हवेली पर पहुंच गए थे। सभी
उन्हें घर लेकर जाना चाह रहे थे, परन्तु भौमिक ने किसी को भी जाने नहीं दिया, क्योंकि सभी खुद को उन
चारों का क़ातिल बता रहे थे। इसलिए सभी को हिरासत में ले लिया गया। शहर के कई बड़े
लोगों के बच्चों के नाम केस से जुड़ जाने के कारण केस काफी गंभीर भी हो गया था।
दूसरी और जिनकी हत्या हुई थी वो भी शहर के बहुत बड़े हार्ट सर्जन डॉ. अविनाश
सक्सेना थे। उनके साथ उनकी पत्नी आरती, 12 साल का बेटा आरुष और 8 साल की बेटी भव्या थी। अब
जो बात सामने आ रही थी वो यह थी कि शहर से 30 किलोमीटर दूर डॉ. अविनाश अपने परिवार के साथ
क्या कर रहे थे और मंत्री जी, बिल्डर और दो बिजनेसमैन के बेटे अपनी गर्लफ्रैंड
के साथ इस हवेली में क्या करने आए थे?







बहुत ही अच्छी कहानी है इस का अगला पार्ट जल्द सेंड करो
ReplyDeleteबहुत बढ़िया हेँ लिखते रहो
ReplyDeleteJai ho
ReplyDeleteStarting is nice awaiting for next part
ReplyDeleteअगला पार्ट कब आयेगा
ReplyDeleteBahut shandaar. . Next part padne ki iccha he..
ReplyDeleteBahut khub. Really interesting. Waiting for the next part.
ReplyDeleteDaddu leave everything aside and start writing movie
ReplyDeleteAap sabhi ka aabhar aapki or se jo pyaar mujhe mila hai.
ReplyDeleteBahut khoob
ReplyDeleteNice and good story
ReplyDeleteGud one
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