चलो, माना हम लायक नहीं
चलो माना कि हम तुम्हारे लायक नहीं,
चलो माना कि हम किसी काबिल नहीं।
हम नाकाबिल है तो कोई गुनाह नहीं,
तुम कैसे साबित करोगे हम तुम्हारे लायक नहीं।।
कहोगे कि हम तुम्हें बेइंतहा प्यार करते थे,
तुम सोचते थे और हम कहा करते थे।
जब सोती थी रातें हम जागा करते थे,
उन रातों में बस तुमसे बातें किया करते थे।।
कहोगे कि हम तुम्हारा ख्याल रखते थे,
कदम दर कदम तेरे साथ चला करते थे।
तुम्हारी तकलीफ में साथ हुआ करते थे,
तुम हंसते थे तो हम भी हंसा करते थे।।
कहोगे कि हम तुम्हारे लिए वक्त रखते थे,
तुम्हें दिल में अपने दिल की तरह रखते थे।
जो तुम रूठ जाते थे कभी हमसे किसी बात पर,
तुम मान नहीं जाते थे तब तक कोशिश करते थे।।
कहोगे कि तुम्हारे दर्द की हम दवा हुआ करते थे,
जब कोई ना होता हम तुम्हारे साथ हुआ करते थे।
हम दूर भी होते थे तो तुम्हारा ख्याल हुआ करते थे,
कभी तपती धूप में तुम्हारा इंतजार किया करते थे।।
कहोगे कि तेरी यादों को सहेज कर रखते थे,
बस तेरे लिए हम अक्सर गुनगुनाया करते थे।
बात गर जो निकला आए तेरे सुकुन की,
हम अपना सुकुन भी तुझ पर लुटाया करते थे।।
कहोगे कि तेरी राहों पर हम नजरें बिछाया करते थे,
तेरे वक्त के लिए कभी तुझे लेने भी आया करते थे।
तेरा साथ मिले कुछ इस कदर हमकों,
इसलिए अक्सर सपनों की दुनियां बसाया करते थे।।
कहोगे कि मेरा प्यार तो अब भी वहीं है,
वक्त के साथ मेरे लिए बदले तो तुम हो।
ये वक्त है फिर कभी तो बदलेगा ही,
क्योंकि मेरे इंतजार अब भी तुम हो, तुम हो, तुम हो।।

































