बेइंतहा नफरत और सच्चा प्यार
पार्ट 2
प्रोग्राम खत्म होने के बाद विवान जहां अपने दोस्तों के साथ घर जाने के लिए तैयारी कर रहा था, वहीं सुहानी भी अपनी कुछ सहेलियों के साथ कॉलेज कैंपस से बाहर आती है। उसकी नजर विवान पर पड़ती है और वह विवान से बात करने के लिए उसकी ओर चल पड़ती है। वह विवान के पास पहुंचकर उसे हैलो कहती है। विवान सिर्फ हां में सिर हिला देता है। इसके बाद उसके दोस्त वहां से चले जाते हैं। विवान भी उनके पीछे जाने लगता है तो सुहानी हाथ बढ़ाकर उसे जीत की बधाई देती है।
सुहानी- आपको जीत के लिए बधाई। आपने बहुत अच्छा बोला।
विवान- थैक्स पर मैं इसे अपनी जीत नहीं कहूंगा। आप भी जीते है। या यूं कहूं कि प्रतियोगिता को बीच में ही छोड़ दिया गया। मेरे लिए ऐसी जीत कोई मायने नहीं रखती।
सुहानी- हां एक तरह से आप सही है, पर सब्जेक्ट ऐसा था कि जिस पर ज्यादा बहस की भी नहीं जा सकती थी।
विवान- ऐसा आपका मानना है, मेरा नहीं। यदि प्रतियोगिता पूरी होती तो आपको हार मिलती और मुझे जीत।
सुहानी- आप अब भी गुस्से में लग रहे हैं?
विवान- जी, नहीं मैं ऐसा ही हूं।
सुहानी- जी, नहीं, मैंने देखा आप अपने दोस्तों के साथ इस तरह से बात नहीं करते हैं, उनसे तो बहुत अच्छे से पेश आते हैं।
विवान- आपको जो समझना है समझिए। मुझे देर हो रही है, मैं चलता हूं।
सुहानी- ओके, अगर देर हो रही है तो मैं आपको नहीं रोकूंगी, पर हम क्या दोबारा मिल सकते हैं?
विवान- जी, नहीं। मुझे आपसे बात करने में कोई रूचि नहीं है।
सुहानी- ओह, आप किसी से खफा है, और शायद उसका गुस्सा मुझ पर उतार रहे है?
विवान- आपको जो भी समझना है समझिए मैं जा रहा हूं।
इतना कहने के बाद विवान वहां से चला जाता है औ सुहानी वहीं खड़े होकर उसे देखती रहती है। तभी उसकी सहेलियां भी पीछे से उसके पास आ जाती है।
नंदिनी- अरे तू उस खडूस के साथ क्या बात कर रही थी?
स्नेहा- उससे तो बात करना ही बेकार है। हमेशा मुंह चढ़ाकर घूमता रहता है।
सुहानी- ऐसा नहीं है। जरूर कोई बात है, जिससे कारण वह ऐसा रहता है।
नंदिनी- हां, पर उसे उसके हाल पर रहने दे। तू ज्यादा उससे बात मत कर। सुहानी- अच्छा ठीक है। चल अब घर चलते हैं।
इसके बाद सभी अपने-अपने घर के लिए चली जाती है। घर पहुंचने के बाद भी सुहानी विवान के बारे में ही सोच रही थी। वह सोच रही थी कि उसका व्यवहार लड़कियों के साथ अलग और अपने दोस्तों के साथ अलग रहता है। वह हमेशा उस तरह से नहीं रहता है, जिस तरह से वह उससे बात कर रहा था। प्रतियोगिता में जीतने के बाद वह अपने दोस्तों के साथ काफी खुश लग रहा था। पर जब उसने बात की तो वह कुछ उखड़ गया था। अब सुहानी विवान की पिछली जिंदगी के बारे में जानने के लिए उत्सुक थी। अगले दिन वह फिर कॉलेज पहुंचती है और उसकी आंखे विवान को ही खोज रही थी। वह विवान से बात करना चाह रही थी। तभी उसे विवान का सबसे अच्छा दोस्त अनुराग नजर आता है और वह अनुराग के पास जाती है।
सुहानी- हैलो अनुराग।
अनुराग- ओ, सुहानी हैलो। कैसी हो? कल की जीत के लिए बधाई।
सुहानी- थैंक्स अनुराग।
अनुराग- बताओ कुछ काम था क्या?
सुहानी- हां, काम तो था।
अनुराग- तो बोलो।
सुहानी- तुम्हारा दोस्त विवान नजर नहीं आ रहा? वो कहां है आज?
अनुराग- और कहां होगा, वहीं बैठा होगा तालाब के किनारे।
सुहानी- तालाब के किनारे?
अनुराग- हां, जो अपने कॉलेज के पीछे हैं। आजकल वो कॉलेज में कम और तालाब के किनारे वक्त ज्यादा बिताता है।
सुहानी- ऐसा क्यों?
अनुराग- अरे अब क्या बताउं सुहानी। बस उसके साथ कुछ भी ठीक नहीं हुआ है।
सुहानी- मतलब?
अनुराग- सुहानी तुम अच्छी लड़की हो, इसलिए तुम्हें एक राय देना चाहता हूं। तुम विवान से जितना हो सके उतना ही दूर रहो। क्योंकि वो बहुत रूड है और तुम्हें कभी भी कुछ भी कह सकता है, जो शायद तुम्हें अच्छा ना लगे।
सुहानी- पर अनुराग.... मैं तो....
अनुराग- सुहानी मेरी बात मान लो, मैं तुम्हारे भले के लिए कह रहा हूं।
सुहानी- ठीक है अनुराग। वैसे भी मेरी क्लास का समय हो रहा है, इसलिए अब मैं चलती हूं।
इसके बाद सुहानी अपनी क्लास में चली जाती है। क्लास अटेंड करने के बाद वह फिर से फ्री होती है तो वह कॉलेज के पीछे की ओर बने तालाब की ओर चल पड़ती है। अनुराग के कहे अनुसार जहां विवान अक्सर होता है। सुहानी जब वहां पहुंचती है तो देखती है कि विवान वहां तालाब के किनारे बैठा है। वह कभी तालाब में पत्थर फेंक रहा था, तो कभी आसामान की ओर। कभी एकदम से शांत बैठ जाता था। तो कभी उठकर इधर-उधर चहल कदमी करने लग जाता था। उसे देखने पर ऐसा लग रहा था कि जैसे वह बहुत बेचैन है और अपने आप ही कुछ सह रहा है।
सुहानी उसके पास जाने का सोचती है पर उसे अनुराग की बात याद आ जाती है तो वह वापस कॉलेज लौट जाती है। कॉलेज में वह अपनी एक ओर सहेली से बात करने लगती है।
सुहानी- हैलो विशाखा।
विशाखा- हैलो सुहानी।
सुहानी- विशाखा मुझे तुमसे कुछ बात करना है।
विशाखा- हां, बोलो क्या बात है सुहानी।
सुहानी- तुम इस कॉलेज में बहुत समय से हो। मुझे तो अभी एक साल ही हुआ है। तो मुझे किसी के बारे में कुछ जानना था।
विशाखा- किस के बारे सुहानी?
सुहानी- विवान।
विशाखा- अरे वो पागल, उसके बारे में क्या जानना है सुहानी। वो तो पूरा पागल है।
सुहानी- फिर भी जो तुम्हें पता हो प्लीज मुझे बताओ।
विशाखा- ठीक है सुहानी। वैसे मुझे बहुत ज्यादा तो नहीं पता है पर जितना पता है उतना तुम्हें बता देती हूं। और एक बात और मैंने जितना सुना है बस मैं उतना ही जानती हूं।
सुहानी- ओके विशाखा। जितना तुम्हें पता है उतना ही बता दो।
विशाखा सुहानी को बताती है कि विवान एक मीडिल क्लास फैमिली से बिलॉंग करता है। उसके पापा का एक छोटा बिजनेस है और मां घर पर ही रहती है। उसकी एक बड़ी बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। उसकी और उसके पापा की कभी नहीं बनी है। पर वो अपनी मां लाड़ला है। सुना है उसे किसी लड़की से प्यार हो गया था। वह उससे शादी करना चाहता था पर उसके पापा ने मना कर दिया। एक दिन वो लड़की और विवान कहीं घूमने के लिए गए थे, तभी एक एक्सीडेंट हो गया और उसमें उस लड़की की मौत हो गई। विवान भी उस एक्सीडेट के बाद करीब 2 साल तक कॉलेज नहीं आया। इसी साल उसने फिर से कॉलेज ज्वॉइन किया है। घर से और अपनी लव लाइफ से वह हमेशा ही दुखी रहा है। सुना है कि उसकी बहन भी अब उससे बात नहीं करती है और वह अपनी मां के सामने हमेशा खुश रहता है ताकि उसकी मां उसे देखकर दुखी न हो। एक्सीडेंट के पहले तो वह सभी से बहुत अच्छे से बात करता था, पर एक्सीडेंट के बाद पता नहीं क्या हुआ कि लड़कियों से तो खासकर वह बात ही नहीं करता और यदि कोई लड़की उससे बात भी करें तो बहुत ही रूड होकर बात करता है। इतना कहने के बाद विशाख भी वहां से चली जाती है। विशाख की बात सुनकर सुहानी एक बार फिर उसी तालाब के पास पहुंच जाती है। वह दूर खड़े होकर विवान को देखती रहती है। विवान पहले की तरह घूम रहा था।
सुहानी- आपको जीत के लिए बधाई। आपने बहुत अच्छा बोला।
विवान- थैक्स पर मैं इसे अपनी जीत नहीं कहूंगा। आप भी जीते है। या यूं कहूं कि प्रतियोगिता को बीच में ही छोड़ दिया गया। मेरे लिए ऐसी जीत कोई मायने नहीं रखती।
सुहानी- हां एक तरह से आप सही है, पर सब्जेक्ट ऐसा था कि जिस पर ज्यादा बहस की भी नहीं जा सकती थी।
विवान- ऐसा आपका मानना है, मेरा नहीं। यदि प्रतियोगिता पूरी होती तो आपको हार मिलती और मुझे जीत।
सुहानी- आप अब भी गुस्से में लग रहे हैं?
विवान- जी, नहीं मैं ऐसा ही हूं।
सुहानी- जी, नहीं, मैंने देखा आप अपने दोस्तों के साथ इस तरह से बात नहीं करते हैं, उनसे तो बहुत अच्छे से पेश आते हैं।
विवान- आपको जो समझना है समझिए। मुझे देर हो रही है, मैं चलता हूं।
सुहानी- ओके, अगर देर हो रही है तो मैं आपको नहीं रोकूंगी, पर हम क्या दोबारा मिल सकते हैं?
विवान- जी, नहीं। मुझे आपसे बात करने में कोई रूचि नहीं है।
सुहानी- ओह, आप किसी से खफा है, और शायद उसका गुस्सा मुझ पर उतार रहे है?
विवान- आपको जो भी समझना है समझिए मैं जा रहा हूं।
इतना कहने के बाद विवान वहां से चला जाता है औ सुहानी वहीं खड़े होकर उसे देखती रहती है। तभी उसकी सहेलियां भी पीछे से उसके पास आ जाती है।
नंदिनी- अरे तू उस खडूस के साथ क्या बात कर रही थी?
स्नेहा- उससे तो बात करना ही बेकार है। हमेशा मुंह चढ़ाकर घूमता रहता है।
सुहानी- ऐसा नहीं है। जरूर कोई बात है, जिससे कारण वह ऐसा रहता है।
नंदिनी- हां, पर उसे उसके हाल पर रहने दे। तू ज्यादा उससे बात मत कर। सुहानी- अच्छा ठीक है। चल अब घर चलते हैं।
इसके बाद सभी अपने-अपने घर के लिए चली जाती है। घर पहुंचने के बाद भी सुहानी विवान के बारे में ही सोच रही थी। वह सोच रही थी कि उसका व्यवहार लड़कियों के साथ अलग और अपने दोस्तों के साथ अलग रहता है। वह हमेशा उस तरह से नहीं रहता है, जिस तरह से वह उससे बात कर रहा था। प्रतियोगिता में जीतने के बाद वह अपने दोस्तों के साथ काफी खुश लग रहा था। पर जब उसने बात की तो वह कुछ उखड़ गया था। अब सुहानी विवान की पिछली जिंदगी के बारे में जानने के लिए उत्सुक थी। अगले दिन वह फिर कॉलेज पहुंचती है और उसकी आंखे विवान को ही खोज रही थी। वह विवान से बात करना चाह रही थी। तभी उसे विवान का सबसे अच्छा दोस्त अनुराग नजर आता है और वह अनुराग के पास जाती है।
अनुराग- ओ, सुहानी हैलो। कैसी हो? कल की जीत के लिए बधाई।
सुहानी- थैंक्स अनुराग।
अनुराग- बताओ कुछ काम था क्या?
सुहानी- हां, काम तो था।
अनुराग- तो बोलो।
सुहानी- तुम्हारा दोस्त विवान नजर नहीं आ रहा? वो कहां है आज?
अनुराग- और कहां होगा, वहीं बैठा होगा तालाब के किनारे।
सुहानी- तालाब के किनारे?
अनुराग- हां, जो अपने कॉलेज के पीछे हैं। आजकल वो कॉलेज में कम और तालाब के किनारे वक्त ज्यादा बिताता है।
सुहानी- ऐसा क्यों?
अनुराग- अरे अब क्या बताउं सुहानी। बस उसके साथ कुछ भी ठीक नहीं हुआ है।
सुहानी- मतलब?
अनुराग- सुहानी तुम अच्छी लड़की हो, इसलिए तुम्हें एक राय देना चाहता हूं। तुम विवान से जितना हो सके उतना ही दूर रहो। क्योंकि वो बहुत रूड है और तुम्हें कभी भी कुछ भी कह सकता है, जो शायद तुम्हें अच्छा ना लगे।
सुहानी- पर अनुराग.... मैं तो....
अनुराग- सुहानी मेरी बात मान लो, मैं तुम्हारे भले के लिए कह रहा हूं।
सुहानी- ठीक है अनुराग। वैसे भी मेरी क्लास का समय हो रहा है, इसलिए अब मैं चलती हूं।
इसके बाद सुहानी अपनी क्लास में चली जाती है। क्लास अटेंड करने के बाद वह फिर से फ्री होती है तो वह कॉलेज के पीछे की ओर बने तालाब की ओर चल पड़ती है। अनुराग के कहे अनुसार जहां विवान अक्सर होता है। सुहानी जब वहां पहुंचती है तो देखती है कि विवान वहां तालाब के किनारे बैठा है। वह कभी तालाब में पत्थर फेंक रहा था, तो कभी आसामान की ओर। कभी एकदम से शांत बैठ जाता था। तो कभी उठकर इधर-उधर चहल कदमी करने लग जाता था। उसे देखने पर ऐसा लग रहा था कि जैसे वह बहुत बेचैन है और अपने आप ही कुछ सह रहा है।
सुहानी उसके पास जाने का सोचती है पर उसे अनुराग की बात याद आ जाती है तो वह वापस कॉलेज लौट जाती है। कॉलेज में वह अपनी एक ओर सहेली से बात करने लगती है।
विशाखा- हैलो सुहानी।
सुहानी- विशाखा मुझे तुमसे कुछ बात करना है।
विशाखा- हां, बोलो क्या बात है सुहानी।
सुहानी- तुम इस कॉलेज में बहुत समय से हो। मुझे तो अभी एक साल ही हुआ है। तो मुझे किसी के बारे में कुछ जानना था।
विशाखा- किस के बारे सुहानी?
सुहानी- विवान।
विशाखा- अरे वो पागल, उसके बारे में क्या जानना है सुहानी। वो तो पूरा पागल है।
सुहानी- फिर भी जो तुम्हें पता हो प्लीज मुझे बताओ।
विशाखा- ठीक है सुहानी। वैसे मुझे बहुत ज्यादा तो नहीं पता है पर जितना पता है उतना तुम्हें बता देती हूं। और एक बात और मैंने जितना सुना है बस मैं उतना ही जानती हूं।
सुहानी- ओके विशाखा। जितना तुम्हें पता है उतना ही बता दो।
विशाखा सुहानी को बताती है कि विवान एक मीडिल क्लास फैमिली से बिलॉंग करता है। उसके पापा का एक छोटा बिजनेस है और मां घर पर ही रहती है। उसकी एक बड़ी बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। उसकी और उसके पापा की कभी नहीं बनी है। पर वो अपनी मां लाड़ला है। सुना है उसे किसी लड़की से प्यार हो गया था। वह उससे शादी करना चाहता था पर उसके पापा ने मना कर दिया। एक दिन वो लड़की और विवान कहीं घूमने के लिए गए थे, तभी एक एक्सीडेंट हो गया और उसमें उस लड़की की मौत हो गई। विवान भी उस एक्सीडेट के बाद करीब 2 साल तक कॉलेज नहीं आया। इसी साल उसने फिर से कॉलेज ज्वॉइन किया है। घर से और अपनी लव लाइफ से वह हमेशा ही दुखी रहा है। सुना है कि उसकी बहन भी अब उससे बात नहीं करती है और वह अपनी मां के सामने हमेशा खुश रहता है ताकि उसकी मां उसे देखकर दुखी न हो। एक्सीडेंट के पहले तो वह सभी से बहुत अच्छे से बात करता था, पर एक्सीडेंट के बाद पता नहीं क्या हुआ कि लड़कियों से तो खासकर वह बात ही नहीं करता और यदि कोई लड़की उससे बात भी करें तो बहुत ही रूड होकर बात करता है। इतना कहने के बाद विशाख भी वहां से चली जाती है। विशाख की बात सुनकर सुहानी एक बार फिर उसी तालाब के पास पहुंच जाती है। वह दूर खड़े होकर विवान को देखती रहती है। विवान पहले की तरह घूम रहा था।









Bahut khub
ReplyDeleteWow so good
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