सौदा 

पार्ट 8

सौदा पार्ट 1 यहां पढ़े  

कार्तिक और अजय की पूरी बात सुनने के बाद विराज उनसे कुछ नहीं कहता है और फिर उस हॉल में घूमने लगता है। 
विराज- तो अब तुम दोनों क्या चाहते हो, मैं तुम्हारी क्या मदद कर सकता हूं? वैसे एक बात तो खास है कि एक हत्या के मामले को सॉल्व करने के लिए एक इंस्पेक्टर एक मुजरिम के पास आया है। 
अजय- बस इतना ही कि तुम हमारी इस कत्ल को सुलझाने और इस किस्मत बदलने के चक्कर में हमारी मदद करो। 
विराज- ठीक है बताओ मुझे क्या करना है? 
अजय- तुम बस इतना पता करो कि तुमने अपनी किसमत जिससे भी बदली थी, अब उसके क्या हाल है? वो इस समय क्या कर रहा है?
विराज- वो इस समय कुछ नहीं कर रहा है। मेरे ख्याल से आराम से सो रहा होगा।
कार्तिक- मतलब? 
सौदा पार्ट 2 यहां पढ़े 
विराज- मतलब ये कि मुझे नहीं पता कि मेरी किस्मत किससे बदली गई थी। हां ये सच है कि एक साया मुझे भी मिला था। मेरी किस्मत बदलने को लेकर बात भी हुई थी। पर मैं किस्मत बदलकर करूंगा क्या? तुम खुद ही देख लो कि किस्मत बदलने के बाद मुझे क्या चाहिए था? सब कुछ तो है मेरे पास। 
अजय- तो फिर ये कैसे पता चलेगा कि तुम्हारी किस्मत किससे बदली गई है? 
कार्तिक- ये तो फिर वहीं साया ही बता सकता है कि इनकी किस्मत उसने किससे बदली थी। 
अजय- तो विराज तुमने अपनी किस्मत नहीं बदली? 
विराज- मुझे नहीं पता। साया मुझसे बहुत कह रहा था तो मैंने कह दिया कि मुझे नहीं बदलना है, पर फिर भी तुम जिससे चाहे मेरी किस्मत बदल दो। मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि मेरा सिर्फ नाम ही काफी है किसी की जिंदगी बदलने के लिए भी। 
अजय- हां, पर अब उस साये से तुम्हें ही पता लगाना होगा कि उसने तुम्हारी किस्मत किससे बदली थी? 
सौदा पार्ट 3 यहां पढ़े 
विराज- मैं उसे कहां ढूंढ़ने जाउंगा? मुझे नहीं पता वो कौन था और कहां रहता है? 
कार्तिक- उसने मुझे बताया था कि मुझे उसकी जब भी जरूरत होगी तो वो चला आएगा। आप भी एक बार उसे याद करके देखना शायद वो आपको भी मिलने के लिए आ जाए। 
सौदा पार्ट 4 यहां पढ़े  
विराज- ठीक है, देखता हूं मैं आप लोगों की क्या मदद कर सकता हूं?
इसके बाद अजय और कार्तिक वहां से चले जाते हैं। बाहर जाने के बाद अजय कार्तिक को कुछ समझाता है और फिर अपने ऑफिस के लिए निकल जाता है। कार्तिक भी अपने घर आ जाता है। घर आकर उसके दिमाग चल रहा था कि क्या विराज उनकी कोई मदद कर पाएगा। उसे अब लगने लगा था कि शायद वह इस कत्ल के इल्जाम से बाहर नहीं निकल पाएगा। दूसरी ओर अजय अपने ऑफिस में कत्ल के बारे में ही सोच रहा था। अब वह यह सोच रहा था कि अगर कार्तिक ने ऋषभ की हत्या नहीं की है तो फिर कौन हो सकता है जो ऋषभ की हत्या करें। अब तक ऋषभ के बारे में उन्हें जितनी जानकारी मिली थी उससे तो यही लगा रहा था कि ऋषभ की किसी के साथ कोई दुश्मनी नहीं थी। अजय जब ऋषभ की हत्या की जांच करता है तब उसे पता चलता है कि जिस जगह पर हत्या हुई है वहां एक ऐसा शख्स भी मौजूद था, जिसे शायद वहां नहीं होना चाहिए था। वह शख्स था विराज। अजय अब यह सोचने लगता है कि ऋषभ की हत्या से विराज का क्या लेना-देना है? जहां ऋषभ की हत्या हुई है वहां पर विराज क्या कर रहा था? वह एक बार फिर अपने ऑफिस पहुंच जाता है और कार्तिक को भी वहीं बुला लेता है। कुछ ही देर में कार्तिक भी उसके ऑफिस पहुंच जाता है। 
अजय- कार्तिक कुछ खास जानकारी मिली है क्या तुम्हें? 
कार्तिक- नहीं सर, कुछ खास नहीं। 
अजय- मुझे मिली है। हालांकि ये केस से जुड़ी जानकारी है, पर चूकिं अभी हम और तुम फंसे हुए हैं तो ये मैं तुम्हें बता रहा हूं। 
कार्तिक- क्या मिला है सर?
सौदा पार्ट 5 यहां पढ़े   
अजय- जांच के दौरान मुझे पता चला है कि जिस जगह पर ऋषभ की हत्या हुई थी, उस जगह पर एक ऐसा इंसान मौजूद था, जिसे उस समय वहां नहीं होना चाहिए था। 
कार्तिक- मतलब? कौन इंसान मौजूद था सर? 
अजय- ऋषभ की हत्या की जगह विराज मौजूद था। उसी समय मौजूद था, जिस समय ऋषभ की हत्या हुई थी। 
कार्तिक- (चौंकते हुए) क्या? पर उसने हमें से बात क्यों नहीं बताई? 
अजय- ये तो फिलहाल मुझे भी नहीं पता कार्तिक। पर उससे पूछना जरूर पड़ेगा। यदि वह सीधे तौर पर बता देता है तो ठीक है, नहीं तो फिर पुलिस के अंदाज में पूछना पड़ेगा। 
कार्तिक- इसका मतलब तो ये है सर कि विराज का ऋषभ की हत्या से कुछ तो लेना-देना है। 
अजय- हां, कार्तिक। पर क्या यह पता करना होगा? आखिर विराज को ऋषभ की हत्या क्यों करना पड़ी? क्या ऋषभ ऐसा कुछ जानता था कि उसे ऐसे मरना पड़े? 
कार्तिक- मुझे तो लगता है सर ऋषभ जैसा दिखता था वैसा था नहीं। कुछ तो कनेक्शन है विराज और ऋषभ के बीच? 
सौदा पार्ट 6 यहां पढ़े  
अजय- वो तो पता लग ही जाएगा कार्तिक। अब तुम ऐसा करो अभी तो जाओं और कल सुबह जल्दी आ जाना ताकि हम दोनों एक बार फिर विराज से मिलने चले। एक बार उससे हम अपने तरीके से ऋषभ के बारे में पूछते हैं, बता देगा तो ठीक है नहीं तो फिर उसे एक पुलिस वाले की तरह पूछूंगा। 
कार्तिक- ठीक है, सर अब मैं चलता हूं। सुबह वहीं मिलेंगे, जहां आज मिले थे। 
इतना कहने के बाद कार्तिक और अजय दोनों अपने घर के लिए निकल जाते हैं। कार्तिक घर पहुंचकर साक्षी से कुछ देर बात करता है और फिर दोनों सोने के लिए कमरे में चले जाते हैं। एक बार फिर कार्तिक को लगता है कि उसके कमरे में धुंध आ रही है और वह उठकर बैठ जाता है। कुछ ही देर में वह साया उसके सामने आ जाता है। 
साया- इस बार तुम चौंके नहीं कार्तिक? 
कार्तिक- नहीं मुझे उम्मीद थी कि तुम जल्दी ही मुझसे मिलने के लिए आओगे।
साया- अच्छा, पर तुम्हें ऐसा क्यों लगा? 
कार्तिक- क्या तुम्हें नहीं पता? वैसे तो तुम्हें पता होना चाहिए कि मैं इंस्पेक्अर अजय से मिल चुका हूं और सौंदे के बारे में उससे बात भी कर चुका हूं। ?
साया- हां, जानता हूं। 
कार्तिक- तो फिर तुम्हें से भी पता होगा कि हम विराज से मिल चुके हैं? 
साया- हां, जानता हूं। 
सौदा पार्ट 7 यहां पढ़े  
कार्तिक- तो फिर बताओ आज कैसे आ गए? 
साया- बस तुम्हें सौदे के बारे में याद दिलाने के लिए आया था। 
कार्तिक- हां, मुझे याद है।
साया- अगर याद है तो फिर ये समझ लो कि मैं बहुत जल्द ही तुमसे कुछ मांग सकता हूं। हो सकता है कि हमारी अगली मुलाकात तुम्हें सौंदा पूरा करने का अवसर दे। 
कार्तिक- ठीक है, तुम जो भी मांगोगे वह मैं तुम्हें देने की कोशिश करूंगा। 
साया- ठीक है तो फिर मैं जाता हूं, अब तुम्हारे जैसे एक और को मुझे सौदा याद दिलाना है। 
इतना कहने के बाद साया एक बार फिर गायब हो जाता है और कार्तिक यह सोचते हुए सो जाता है कि साया सौंदे के रूप में उससे क्या मांगेगा। 

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