सौदा
पार्ट 6
कार्तिक के ऑफिस में पहुंचते ही वह उसे शक के आधार पर हिरासत में ले लेता है। कार्तिक को समझ नहीं आता है कि वह ऐसा क्यों कर रहा है? जबकि वह बार-बार कह रहा है कि उसने ऋषभ की हत्या नहीं की है। अजय कार्तिक को अपने साथ ले जाता है और फिर अपने ऑफिस में आकर उससे पूछताछ शुरू करता है।
अजय- तो तुम्हारा कहना है कि तुमने ऋषभ की हत्या नहीं की है।
कार्तिक- एक बार नहीं 1000 बार भी यही कहूंगा।
अजय- तुमने बताया था कि उस दिन तुम ऑफिस से बाहर गए थे तो ऑफिस के ही एक क्लाइंट से मिले थे? जिसका नाम पता भी तुमने मुझे दिया था।
कार्तिक- हां, मिला था। तभी तो नाम पता दिया था।
अजय- तो मिस्टर कार्तिक आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि उस व्यक्ति से हमने बात की है और उसका कहना है कि कम से कम एक महीने से आपकी और उसकी कोई मुलाकात नहीं हुई है।
सौदा पार्ट 1 यहां पढ़े
कार्तिक- ऐसा कैसे हो सकता है? मैं मिला था उससे वह झूठ बोल रहा है।
अजय- वो मुझे नहीं पता पर उसने हमें जो बयान दिया है उसके आधार पर झूठ आप बोल रहे हैं।
कार्तिक- इंस्पेक्टर मैं फिर कहूंगा मैंने ऋषभ की हत्या नहीं की है।
अजय- अभी तो सारे सबूत आपके खिलाफ है। इस कारण मैं आपकी कोई मदद नहीं कर सकता। आप कोई अच्छा वकील कर लीजिए, जो शायद आपको कोर्ट में बचा सके।
करीब दो दिनों तक कार्तिक को हिरासत में रखा जाता है और कई बार उससे पूछताछ भी होती है। हर बार वह ऋषभ की हत्या से मना करता है परंतु इंस्पेक्टर अजय इस बात को मानता ही नहीं है। अब कार्तिक सोचता है कि शायद अजय को पूरा सच बता देना चाहिए। उस साये ने भी कहा था कि अगर मेरी कोई मदद कर सकता है तो इंस्पेक्टर अजय ही है। कार्तिक मन ही मन तय कर लेता है कि अब जब भी अजय आएगा तो वह उसे पूरा सच बता देगा।
कार्तिक- इंस्पेक्टर मैं आपको कुछ बताना चाहता हूं। अगर आप मेरी बातों पर यकीन करें तो?
सौदा पार्ट 2 यहां पढ़े
अजय- मतलब इस कत्ल में आपके साथ कोई और भी है?
कार्तिक- इंस्पेक्टर कत्ल तो मैंने नहीं किया है, पर मुझ पर जो इल्जाम आया है उसमें कोई और भी है मेरे साथ।
सौदा पार्ट 3 यहां पढ़े
अजय- कौन है वो। और इल्जाम नहीं कत्ल आपने ही किया है।
कार्तिक- आप किस्मत को मानते हैं इंस्पेक्टर?
अजय- कभी-कभी मानता हूं, पर अपनी मेहनत पर अधिक यकीन करता हूं। पर ये क्या सवाल है?
कार्तिक- इंस्पेक्टर क्या आपको पिछले कुछ दिनों में ऐसा कोई मिला था, जिसने आपको किस्मत बदलने का ऑफर दिया हो?
अजय- कुछ चौंकते हुए ये तुम्हें कैसे पता चला कार्तिक?
कार्तिक- सब बताउंगा आपको, पर पहले आप मेरे सवाल का जवाब दीजिए।
अजय- हां मिला था। रात को एक साया सा। उसने मुझसे बात भी की। पर जब मैं खोजने निकला तो वहां कोई नहीं था।
कार्तिक- बिल्कुल ऐसा मेरे साथ भी हुआ है। मुझे भी एक साये ने मेरी किस्मत बदलने का ऑफर दिया था। मैंने उसे मान भी लिया था।
अजय- हां, मैंने भी मान लिया था। पर तुम्हारे इस कत्ल का इन सब बातों से क्या लेना-देना।
कार्तिक- इंस्पेक्टर तीन दिन पहले वह साया मुझे फिर मिला था। उसने मुझे बताया कि यह सब किस्मत बदलने के कारण ही हुआ है।
अजय- मैं नहीं मानता इन बातों को। मैंने तो बस उस साये को चेक करने के लिए ऐसा किया था।
सौदा पार्ट 4 यहां पढ़े
कार्तिक- मैंने भी। पर मुझे नहीं पता कि वह सच में मेरी किस्मत को बदल देगा। वैंसे आपने अपनी किसमत किससे बदली है?
अजय- कुछ झेपते हुए मैंने किसी से अपनी किस्मत नहीं बदली है। मुझे तो बस तुम्हें कातिल साबित करना है। और वो मैं करके रहूंगा।
कार्तिक- पर क्या आपको पता है कि अगर मैंने अपनी किस्मत नहीं बदली होती तो आज ऋषभ की जगह किसका कत्ल होता?
अजय- एक बार फिर से चौंकते हुए किसका कत्ल होता। और क्या कहना चाह रहे हो तुम?
कार्तिक- आपका कत्ल होता। अगर मैं अपनी किस्मत नहीं बदलता तो आपका कत्ल होता इंस्पेक्टर।
अजय- क्या मजाक है ये? तुम्हें लगता है कि तुम कुछ भी बोलोगे और मैं मान लूंगा। नहीं ऐसा नहीं होगा।
कार्तिक- मैं जानता था आप मेरी बात पर यकीन नहीं करेंगे। मैं आपको अब पूरी बात विस्तार से बताता हूं।
कार्तिक फिर अपनी बात कहना शुरू करता है कि किस तरह वह अपनी परिस्थितियों से परेशान हो चुका था। वह हर हाल में अपनी सभी परेशानियों का हल चाह रहा था। फिर उसने साक्षी से लड़कर बाजार जाने, बाजार में भूखे बच्चों के मिलने, उनके द्वारा किस्मत बदलने और फिर रात को उस साये के आने की बात बताई। साथ ही साये से सौदा करने के बारे में भी उसने अजय को पूरी बात बताई। फिर उसने यह भी बताया कि कैसे उसे अचानक प्रमोशन मिला और कैसे उसकी परेशानियां लगभग खत्म हो गई। फिर ऋषभ की हत्या होना और अजय का उस पर शक करना। इसके बाद साये का फिर आना और उसे बताना कि अजय ही उसकी इस परेशानी से निकलने में मदद कर सकता है। कार्तिक की पूरी बात सुनने के बाद अजय कुछ देर के लिए सोचने लगता है।
अजय-मैं तुम्हारी इन बातों पर यकीन कर सकता हूं पर कोर्ट में इसे साबित नहीं किया जा सकता है। वैसे हां यह सच है कि मैंने भी उस साये से एक ऐसा ही सौदा किया हैं।
कार्तिक- तो फिर आप यह जानते होंगे कि आपकी किस्मत किससे बदली गई है?
अजय- हां, जानता हूं।
कार्तिक- जैंसे मेरी किस्मत ऋषभ से बदली है और ऋषभ की किसी ओर से। साये ने जैसा मुझे बताया था उसके अनुसार हत्या आपकी होना थी और इल्जाम ऋषभ पर आना था। अब हमें दो काम करना है सर कि आपकी किस्मत जिससे बदली गई है हमें उसके बारे में पता करना होगा और साथ ही यह भी पता लगाना होगा कि ऋषभ की किस्मत आपसे बदली गई थी, तो आपका ऐसा कौन सा दुश्मन है जो ऋषभ को भी जानता है और आपकी हत्या कर ऋषभ को फंसा सकता था।
अजय- हां, शायद तुम सच कर रहे हो। पर मेरे साथ एक प्रॉब्लम और है।
सौदा पार्ट 5 यहां पढ़े
कार्तिक- वो क्या सर।
अजय- यही कि मैंने जिससे अपनी किस्मत बदली है उसके बारे में कुछ भी पता करना मतलब अपने लिए परेशानियां खड़ी करना है। अगर उसे जरा भी पता चल गया तो शायद हम दोनों ही इस दुनियां में ना रहें।
कार्तिक- ऐसा कौन है सर जो आपको भी मार सकता है। मेरा मतलब है कि पुलिस इंस्पेक्टर पर हमला कर सकता है?
अजय- विराज चौहान।
कार्तिक भी यह नाम सुनकर चौंक जाता है। उसके बाद वह सोचने लगता है कि अब शायद उसका बच पाना मुश्किल ही है। इससे तो अच्छा है कि वह अपना जुर्म कबूल कर ले और जेल चला जाए। कम से कम वहां जिंदा तो रह सकता हूं। इंस्पेक्टर की मदद लेकर खुद को बेगुनाह साबित करना चाहा तो जान भी जा सकती है।
अजय- तो तुम्हारा कहना है कि तुमने ऋषभ की हत्या नहीं की है।
कार्तिक- एक बार नहीं 1000 बार भी यही कहूंगा।
अजय- तुमने बताया था कि उस दिन तुम ऑफिस से बाहर गए थे तो ऑफिस के ही एक क्लाइंट से मिले थे? जिसका नाम पता भी तुमने मुझे दिया था।
कार्तिक- हां, मिला था। तभी तो नाम पता दिया था।
अजय- तो मिस्टर कार्तिक आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि उस व्यक्ति से हमने बात की है और उसका कहना है कि कम से कम एक महीने से आपकी और उसकी कोई मुलाकात नहीं हुई है।
सौदा पार्ट 1 यहां पढ़े
कार्तिक- ऐसा कैसे हो सकता है? मैं मिला था उससे वह झूठ बोल रहा है।
अजय- वो मुझे नहीं पता पर उसने हमें जो बयान दिया है उसके आधार पर झूठ आप बोल रहे हैं।
कार्तिक- इंस्पेक्टर मैं फिर कहूंगा मैंने ऋषभ की हत्या नहीं की है।
अजय- अभी तो सारे सबूत आपके खिलाफ है। इस कारण मैं आपकी कोई मदद नहीं कर सकता। आप कोई अच्छा वकील कर लीजिए, जो शायद आपको कोर्ट में बचा सके।
करीब दो दिनों तक कार्तिक को हिरासत में रखा जाता है और कई बार उससे पूछताछ भी होती है। हर बार वह ऋषभ की हत्या से मना करता है परंतु इंस्पेक्टर अजय इस बात को मानता ही नहीं है। अब कार्तिक सोचता है कि शायद अजय को पूरा सच बता देना चाहिए। उस साये ने भी कहा था कि अगर मेरी कोई मदद कर सकता है तो इंस्पेक्टर अजय ही है। कार्तिक मन ही मन तय कर लेता है कि अब जब भी अजय आएगा तो वह उसे पूरा सच बता देगा।
कार्तिक- इंस्पेक्टर मैं आपको कुछ बताना चाहता हूं। अगर आप मेरी बातों पर यकीन करें तो?
सौदा पार्ट 2 यहां पढ़े
अजय- मिस्टर कार्तिक अगर आप कहेंगे कि कत्ल आपने ही किया है तो मैं आपकी बात पर यकीन कर लूंगा। इसके अलावा आप क्या बताना चाहते है?
कार्तिक- ये जो कुछ भी हो रहा है उसके कारण हो रहा है। अजय- मतलब इस कत्ल में आपके साथ कोई और भी है?
कार्तिक- इंस्पेक्टर कत्ल तो मैंने नहीं किया है, पर मुझ पर जो इल्जाम आया है उसमें कोई और भी है मेरे साथ।
सौदा पार्ट 3 यहां पढ़े
अजय- कौन है वो। और इल्जाम नहीं कत्ल आपने ही किया है।
कार्तिक- आप किस्मत को मानते हैं इंस्पेक्टर?
अजय- कभी-कभी मानता हूं, पर अपनी मेहनत पर अधिक यकीन करता हूं। पर ये क्या सवाल है?
कार्तिक- इंस्पेक्टर क्या आपको पिछले कुछ दिनों में ऐसा कोई मिला था, जिसने आपको किस्मत बदलने का ऑफर दिया हो?
अजय- कुछ चौंकते हुए ये तुम्हें कैसे पता चला कार्तिक?
कार्तिक- सब बताउंगा आपको, पर पहले आप मेरे सवाल का जवाब दीजिए।
अजय- हां मिला था। रात को एक साया सा। उसने मुझसे बात भी की। पर जब मैं खोजने निकला तो वहां कोई नहीं था।
कार्तिक- बिल्कुल ऐसा मेरे साथ भी हुआ है। मुझे भी एक साये ने मेरी किस्मत बदलने का ऑफर दिया था। मैंने उसे मान भी लिया था।
अजय- हां, मैंने भी मान लिया था। पर तुम्हारे इस कत्ल का इन सब बातों से क्या लेना-देना।
कार्तिक- इंस्पेक्टर तीन दिन पहले वह साया मुझे फिर मिला था। उसने मुझे बताया कि यह सब किस्मत बदलने के कारण ही हुआ है।
अजय- मैं नहीं मानता इन बातों को। मैंने तो बस उस साये को चेक करने के लिए ऐसा किया था।
सौदा पार्ट 4 यहां पढ़े
कार्तिक- मैंने भी। पर मुझे नहीं पता कि वह सच में मेरी किस्मत को बदल देगा। वैंसे आपने अपनी किसमत किससे बदली है?
अजय- कुछ झेपते हुए मैंने किसी से अपनी किस्मत नहीं बदली है। मुझे तो बस तुम्हें कातिल साबित करना है। और वो मैं करके रहूंगा।
कार्तिक- पर क्या आपको पता है कि अगर मैंने अपनी किस्मत नहीं बदली होती तो आज ऋषभ की जगह किसका कत्ल होता?
अजय- एक बार फिर से चौंकते हुए किसका कत्ल होता। और क्या कहना चाह रहे हो तुम?
कार्तिक- आपका कत्ल होता। अगर मैं अपनी किस्मत नहीं बदलता तो आपका कत्ल होता इंस्पेक्टर।
अजय- क्या मजाक है ये? तुम्हें लगता है कि तुम कुछ भी बोलोगे और मैं मान लूंगा। नहीं ऐसा नहीं होगा।
कार्तिक- मैं जानता था आप मेरी बात पर यकीन नहीं करेंगे। मैं आपको अब पूरी बात विस्तार से बताता हूं।
कार्तिक फिर अपनी बात कहना शुरू करता है कि किस तरह वह अपनी परिस्थितियों से परेशान हो चुका था। वह हर हाल में अपनी सभी परेशानियों का हल चाह रहा था। फिर उसने साक्षी से लड़कर बाजार जाने, बाजार में भूखे बच्चों के मिलने, उनके द्वारा किस्मत बदलने और फिर रात को उस साये के आने की बात बताई। साथ ही साये से सौदा करने के बारे में भी उसने अजय को पूरी बात बताई। फिर उसने यह भी बताया कि कैसे उसे अचानक प्रमोशन मिला और कैसे उसकी परेशानियां लगभग खत्म हो गई। फिर ऋषभ की हत्या होना और अजय का उस पर शक करना। इसके बाद साये का फिर आना और उसे बताना कि अजय ही उसकी इस परेशानी से निकलने में मदद कर सकता है। कार्तिक की पूरी बात सुनने के बाद अजय कुछ देर के लिए सोचने लगता है।
अजय-मैं तुम्हारी इन बातों पर यकीन कर सकता हूं पर कोर्ट में इसे साबित नहीं किया जा सकता है। वैसे हां यह सच है कि मैंने भी उस साये से एक ऐसा ही सौदा किया हैं।
कार्तिक- तो फिर आप यह जानते होंगे कि आपकी किस्मत किससे बदली गई है?
अजय- हां, जानता हूं।
कार्तिक- जैंसे मेरी किस्मत ऋषभ से बदली है और ऋषभ की किसी ओर से। साये ने जैसा मुझे बताया था उसके अनुसार हत्या आपकी होना थी और इल्जाम ऋषभ पर आना था। अब हमें दो काम करना है सर कि आपकी किस्मत जिससे बदली गई है हमें उसके बारे में पता करना होगा और साथ ही यह भी पता लगाना होगा कि ऋषभ की किस्मत आपसे बदली गई थी, तो आपका ऐसा कौन सा दुश्मन है जो ऋषभ को भी जानता है और आपकी हत्या कर ऋषभ को फंसा सकता था।
अजय- हां, शायद तुम सच कर रहे हो। पर मेरे साथ एक प्रॉब्लम और है।
सौदा पार्ट 5 यहां पढ़े
कार्तिक- वो क्या सर।
अजय- यही कि मैंने जिससे अपनी किस्मत बदली है उसके बारे में कुछ भी पता करना मतलब अपने लिए परेशानियां खड़ी करना है। अगर उसे जरा भी पता चल गया तो शायद हम दोनों ही इस दुनियां में ना रहें।
कार्तिक- ऐसा कौन है सर जो आपको भी मार सकता है। मेरा मतलब है कि पुलिस इंस्पेक्टर पर हमला कर सकता है?
अजय- विराज चौहान।
कार्तिक भी यह नाम सुनकर चौंक जाता है। उसके बाद वह सोचने लगता है कि अब शायद उसका बच पाना मुश्किल ही है। इससे तो अच्छा है कि वह अपना जुर्म कबूल कर ले और जेल चला जाए। कम से कम वहां जिंदा तो रह सकता हूं। इंस्पेक्टर की मदद लेकर खुद को बेगुनाह साबित करना चाहा तो जान भी जा सकती है।








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