कह दो तुम कि...

अभी दूर हो तो मुंह फेरकर बैठे हो,
कभी तो समझोगे मेरे प्यार को।
जब समझ जाओगे इश्क मेरा, 
पास आने से खुद को रोक नहीं पाओगे।।

क्यों लगता है कि धूप में तुम जल जाओगे, 
सोचना कि हम अंधेरे में भी तेरा साया बन जाएंगे।
कभी मत सोचना कि तुम अकेले तन्हा हो, 
हम तन्हाई में भी तेरी बात बन जाएंगे।।

कभी लगा कि गम में बह रहे आंसू तेरे, 
हम फिर तेरे खुशी के अश्क बन जाएंगे।
कभी भटक गई कोई राह तुमसे तो क्या, 
तेरा हाथ पकड़कर फिर तुझे साथ ले आएंगे।।

कभी रूठ जाओ हमसे तो मत घबरा जाना,
चंद पलों में ही हम तेरी मुस्कान बन जाएंगे।
कभी महसूस करो कि कोई साथ अनोखा, 
हम तेरे सबसे अच्छे दोस्त बन जाएंगें।।

कभी मांगना हाथ उठाकर कोई दुआ खुद की, 
हर हसरत पर तेरी हम तेरी बंदगी बन जाएंगे।
जब लगे कि सूख रहा है जीवन तुम्हारा, 
हमसे कहना हम तेरी शबनम बन जाएंगे। 

चाहे आज दो या चाहो तो कल साथ देना, 
इतना भी ना रूठना कि हमको भूला देना।
कभी लगे कि आज खिलखिलाना है तुम्हें, 
हम तेरे सपनों की दुनियां भी बन जाएंगें।।

बस एक ख्वाहिश रखता हूं मैं भी दिल में,
कोई और नहीं बस तुम रहो मेरे दिल में।
बस एक बार कह दो मुझे कुछ सुनना है, 
कह दो तुम कि एक दिन हम बस तेरे बन जाएंगे।।

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