क्या उसे भी कोई अहसास है 

मैं जानता हूं मेरी मोहब्बत को अभी उसका इंतजार है, 
उसके साथ के लिए मेरा दिल रोज-रोज हर रोज बेकरार है।
वो जानती है, पहचानती भी है, मेरे शब्दों की आवाज को, 
उसे भी तो पता है कैसे निभाना है इश्क के रिवाज को।।

मैं देता हूं जब भी कोई सदा तो वो सुन भी लेती है, 
कभी कभी देखकर मुझे वो मुस्कुरा भी देती है।।
मेरे ख्याल से मेरे लिए कोई ख्याल तो उसको भी होगा, 
ठिठक गए हैं कदम तो किसी मजबूरी ने रोका होगा।।

चलो माना मैंने कि उसकी मजबूरी इश्क से भी बड़ी हैं, 
शायद मुझे देखने को वो अबतलक खिड़की पर खड़ी है।
वे पलट जाएगी, सोचकर एक और आखिरी आवाज देता हूं,
अब भी हर पल, हर घड़ी इश्क का इम्तेहान देता हूं।।

शायद वो सोचती हो बस एक और पल मैं इंतजार कर लूं,
वो देखे मुझे और उसे इस जहां से चुराकर अपना कर लूं।
शायद है उसे हर पल अहसास मेरे सभी जज्बातों का
शायद वो चाहती हो कि मैं ऐसा उस पर एतबार कर लूं।।

आज तसब्बुर ही सही वो मेरी, कल हकीकत तो होगी,
उसके आ जाने से तन्हाई मेरी कभी रूखसत तो होगी।
शायद वो छिपाए बैठी हो अपना इश्क गहराईयों में ,
मेरा अक्स देखती हो शायद वो अपनी परछाईयों में।।

ख्वाब, ख्वाहिश, तमन्ना, तन्हाई में कट जाएंगे दिन, 
एक दिन वो भी कहेगी हम नहीं रह पाएंगे तुम बिन।
आज नहीं तो कल ही सही यकी है कि हमारा साथ है, 
मैं करता हूं उससे मोहब्बत, शायद ये उसे अहसास है।।

होठों पर उसके खामोशी और उसकी गुमसुम सी नजर है,
शायद मेरे निशानों को ही खोजती उसकी हर डगर है।
उसका दिल कुछ कहता है और वो कुछ और कहती है,
उसे भी है मुझसे मोहब्बत, क्या उसे भी कोई अहसास है।।

तुम भी देख लो इश्क मेरा, कितना भी आजमा लेना, 
जब हो जाए यकीन मुझ पर, तुम ही इकरार कर लेना।
और थाम लेना हाथ मेरा और एक सौदा मुझसे कर लेना, 
दे देना दिल अपना और मेरा दिल तुम अपना कर लेना।।

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