या मैं जीना ही छोड़ दूं
अब तो बता तेरा इरादा क्या है,
मुझ तक पहुंचने का तेरा रास्ता क्या है,
क्या अब भी कुछ बाकी है दिखाने को,
अब कोई सबक नहीं बाकी सिखाने को,
अपनों ने प्यार के नाम पर लूटा है मुझे,
मुस्कुराते हुए हर दिन तोड़ा है मुझे,
ना यकीं है साथ, ना कोई अपना पास है,
फिर जुड़ जाने की नहीं कोई आस है,
जानता हूं तुझे भी जिंदगी से बेइंतहा मोहब्बत है,
मौत और जिंदगी की एक दूजे से शोहरत है,
मेरी जिंदगी भी तो तेरी आशिकी का हिस्सा होगी,
ले ले एक और जिंदगी, ये तेरी मोहब्बत का किस्सा होगी,
तेरे प्यार को मैं बहुत अच्छे से जानता हूं,
रोज फना होती है तेरे इश्क़ में कई जिंदगी ये मानता हूं,
तेरी आस में एक और जिंदगी तड़प रही है,
जिस्म में अटकी जान कब से फड़क रही है,
ए मौत तेरे होने का क्या मैं भरम तोड़ दूँ,
तू आती है या मैं खुद जीना छोड़ दूं।








Bahut sahi bhai
ReplyDeleteBahut hi shandaar..
ReplyDeleteNice��
ReplyDeleteWow VERY nice
ReplyDeleteBahut khoob
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