मिट गई दूरियां 

क्या तुम्हें पता है अब तुम हर पल मेरे साथ रहती हो, 
पहले की ही तरह आज भी मेरी हर बात पर हंसती हो।
वैसे ही अब भी रूठ जाती हो मुझसे बात करते करते,
और फिर रात बीत जाती है मेरी तुम्हें मनाते मनाते।।

दिल करता है तो सिमट भी जाता हूं तुम्हारे आगोश में, 
देखता हूं अक्स तेरी आंखों में पर रहता हूं खामोश मैं।
फिर एक पल मेरा तुझे बस एकटक यूं ही निहारना, 
और फिर उसी पल शर्मा कर तेरा वो यूं ही मुस्कुराना।।

क्या तुम्हें पता है अब भी खत्म नहीं होती है हमारी बातें,
तुमसे बात करते हुए रोज यूं ही बीत जाती है मेरी रातें।
अब तो पहले से और भी ज्यादा तुमसे बातें करता हूं, 
बातों में कितनी बार कहता हूं कि तुमसे प्यार करता हूं।।

अब नहीं तुम मेरी किसी बात पर खामोश हो जाती हो, 
बात करते करते अब बिल्कुल नहीं सो पाती हो।
अब भी हर रोज मुझसे कई सवाल करती हो, 
और कभी अचानक कहती हो मुझसे प्यार करती हो।।

कोई कहता है कि दिल बहलाने को ये ख्याल अच्छा है,
हां, पर ये तो बस मैं जानता हूं कि मेरा प्यार सच्चा है।
तेरे ख्याल तेरी याद मुझे कभी तन्हा नहीं होने देती, 
हर पल लगता है कि तुम आसपास ही कहीं हो रहती।।

क्या तुम्हें पता है कि अब हम इतना भी नहीं लड़ते हैं, 
कभी तुम कभी मैं एक दूसरे की बाहों में ही सोते है। 
भले ही हम दूर है और बीच में है हजारों मजबूरियां, 
मेरी सोच, मेरे ख्याल में तो मिट गई है सारी दूरियां।। 

तुम्हें कमस है अब ये पल भी मुझसे ना तुम छिन लेना, 
अभी तो मुस्कुरा भी रहा हूं, आंखों में अश्क ना दे देना।
हो सके लौट आओं मेरे ख्यालों से फिर मेरी जिंदगी में, 
एक तुम और एक वो ही तो शामिल है मेरी बंदगी में।। 

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