भस्मासुर
सपनों की और मन की स्थिति के आपस में जुड़े होने को न सिर्फ शास्त्रों में मान्यता है, बल्कि विज्ञान भी इससे सहमत है। विज्ञान के अनुसार दिन भर में हम जो देखते हैं, सुनते है या सोचते है उन बातों से हमारे 70 प्रतिशत सपने जुड़े होते हैं। हम अपने आसपास की बातों से कई बार इतने अधिक जुड़ जाते हैं कि वे सभी बातें या उनसे संबंधित बातों के सपने हमें दिखाई देने लगते हैं। हालांकि यह एक सामान्य स्थिति है। और ऐसा लगभग हर व्यक्ति के साथ होता है। अरमान भी एक ऐसा ही व्यक्ति है। प्राइवेट कंपनी में मैनेजर की पोस्ट पर होकर अपने परिवार के साथ एक अच्छी जिंदगी बीता रहा है। अरमान ने कम उम्र ही अच्छी तरक्की है, जिसके कारण न सिर्फ अपने घर के आसपास, ऑफिस और शहर में भी उसे काफी सम्मान मिलता है। अरमान के साथ उसकी पत्नी साशा, 8 साल का बेटा आरूष और 5 साल की बेटी त्रिशा रहते हैं। लगभग 2 साल पहले एक कार एक्सीडेंट में उसके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है। अरमान काफी खुशमिजाज इंसान है। वह जिस पार्टी में होता है, वहां हमेशा रौनक बनी रहती है। उसके कई दोस्त भी है, पर उसके ऑफिस में उसके दो खास दोस्त है। एक है आलोक और दूसरी है प्रिया। ऑफिस में ये तीनों हमेशा एक साथ रहते हैं, इसके अलावा ये ऑफिस के बाहर भी बहुत अच्छे दोस्त ही रहते हैं और पारिवारिक आयोजन से लेकर पार्टी तक में तीनों साथ रहते हैं। अरमान के इस रूप के अलावा उसका एक रूप और भी है, जिसके बारे में अब तक कोई नहीं जानता है। अरमान जब कभी अकेला होता है, तो वह अपनी ही एक दुनिया में खोया रहता है। अपनी इस दुनियां में उसकी सोच और उसके विचार भी बहुत अजीब होते हैं। अरमान जब अपनी ही दुनिया में होता है वह किसी छोटे बच्चे जैसी सोच भी रखता है और कभी बहुत गहरी सोच में चला जाता है। ऐसा उसके साथ अक्सर तब होता है, जब रात को उसे नींद नहीं आती है तब वह अपनी ही दुनिया में खो जाता है।

अरमान जब अपनी दुनिया में होता है तो कभी-कभी ऐसा सोचता है कि उसके पास सब कुछ करने की शक्ति है और वह कुछ भी कर सकता है। ऐसे में वह कभी-कभी अपनी ही सोच में एक सुपर हीरो बन जाता है। कभी उसके मन में ख्याल आता है कि जितने भी नेता या अधिकारी भ्रष्टाचार को बढ़ा रहे हैं उनकी सजा सिर्फ मौत होना चाहिए। कभी वह अपनी सोच में गायब हो जाता है, तो कभी वो बहुत बड़ी सेलिब्रिटी के रूप में खुद को देखने लगता है। हालांकि इन सभी बातों का असर उसके व्यवहार में देखने को नहीं मिलता है, पर वह अक्सर ऐसी सोच में डूब जाता है।

अपनी आदत के अनुसार अरमान एक रात जब उसके परिवार के सभी सदस्य सो गए थे, अपनी ही सोच में खो गया था। इस दौरान वो सोच रहा था कि भ्रष्टाचार करने वाले व्यक्ति को सीधे गोली मार देना चाहिए। वह खुद को अपनी सोच में एक सुपर हीरो समझ रहा था और भ्रष्टाचार करने वालों को सजा दे रहा था। ऐसा सोचते हुए उसे कब नींद आ जाती है उसे पता ही नहीं चलता है। उसे कुछ ही देर में गहरी नींद लग जाती है। उसके घर से कुछ ही दूरी पर एक बंद पड़ी बिल्डिंग है, जिसका का काफी समय से काम रूका हुआ है। वहां एक नौजवान भागते हुए पहुंचता है। उसके पीछे चार लोग और दौड़ते हुए पहुंचते थे। सभी के हाथों में हथियार और वे धीरे-धीरे उस नौजवान की ओर बढ़ रहे हैं। वहीं नौजवान उनसे उसे छोड़ देने के लिए कह रहा है, परंतु उन चारों पर उस नौजवान की बात का कोई असर नहीं हो रहा है। फिर उन चार में से एक उस नौजवान का गिरेबान पकड़ता है और उसके पेट में चाकू मार देता है। उसके बाद दूसरा और फिर तीसरा उस नौजवान को चाकू मारता है और फिर सभी वहां से भाग जाते हैं। चाकू वार से घायल हुआ नौजवान जमीन पर गिर पड़ता है और कुछ देर तड़पने के बाद दम तोड़ देता है। इसके बाद अरमान हड़बड़ाकर उठ बैठता है। उसके चेहरे पर पसीना साफ नजर आ रहा था। वह इस सपने से काफी डर गया था। वह उठकर पानी पीता है और खुद को नॉमर्ल करने की कोशिश करता है और फिर सो जाता है।

सुबह वह उठता है और साशा उसके लिए चाय ले आ जाती है। रोज की तरह अरमान चाय पीते हुए पेपर पढ़ रहा था, तभी उसकी नजर एक खबर पर पड़ती है, जिसे देखकर वो चौंक जाता है, क्योंकि जो खबर वह पढ़ रहा था, वह उसने रात को सपने में देखी है। खबर के अनुसार एक अंडर कंस्ट््रक्शन बिल्डिंग में एक नौजवान की हत्या हुई थी। पुलिस ने हत्या करने वालों की तलाश में थी। ये खबर अरमान के लिए किसी झटके से कम नहीं थी। वह सोच रहा था कि ऐसा कैसे हो सकता है, कि जो उसने सपने में देखा वह सच हो गया था। या जो हो रहा था वह सपने में देख रहा था। तभी उसे लगता है कि उसने तो कातिलों के चेहरे भी देखे थे, तो फिर पुलिस उनकी तलाश क्यों कर रही है। अगर यह सच है तो फिर पुलिस को तो कातिल भी मिल ही जाने चाहिए थे। उसे अब कुछ समझ नहीं आ रहा था। तभी साशा उसके पास आती है और कहती है कि क्या आज उसे ऑफिस नहीं जाना है। अरमान ऐसा ही कुछ सोचते हुए तैयार होने चला जाता है और फिर अपने ऑफिस के लिए रवाना हो जाता है। ऑफिस में भी उसके दिमाग में वहीं सपना और अखबार की खबर ही चल रही थी। तभी उसके केबिन में आलोक और प्रिया आ जाते हैं और उसे परेशान देखकर उसकी परेशानी का कारण पूछते हैं। पहले अरमान उन्हें टालने की बात करता है, पर फिर दोनों के बार-बार पूछने पर उन्हें पूरी बात बता देता है। दोनों उसे पुलिस के पास जाकर पूरी बात बताने को कहते हैं। अरमान उनसे कहता है कि पुलिस तो क्या उसकी बात पर कोई भी यकीन नहीं करेगा। इसलिए वह पुलिस के पास नहीं जा सकता है। फिर तीनों में आपस में तय करते हैं कि इसकी जानकारी पुलिस को देना चाहिए, इसलिए हम उनके पास न जाकर उन्हें एक गुमनाम कॉल करेंगे। फिर तीनों शाम को ऑफिस के बाद एक दुकान पर जाते हैं और वहां से पुलिस को फोन कर कत्ल के संबंध में सारी जानकारी दे देते हैं। पुलिस हालांकि इस गुमनाम कॉल पर यकीन नहीं करना चाहती है, परंतु फिर भी पुलिस कॉल के जरीए बताए गए हुलिए के आधार पर उन चारों लोगों को उठाकर थाने ले आती है।
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