बेताल The Silent Killer दूसरा भाग 



दोनों ही उस सीडी को देखने लगते हैं, परंतु हत्या या हत्यारे के संबंध में उन्हें कोई खास सुराग नहीं मिलता है। इसके बाद भी दोनों हत्या के बारे में बात करते हैं। रात ज्यादा हो जाने के बाद दोनों अपने अपने घर के लिए निकल जाते हैं। अगले दिन सुबह भौमिक पहले ऑफिस आ जाता है और परमार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेकर आने के लिए फोन कर देता है। तब तक भौमिक एक बार फिर रात को आई सीसीटीवी वाली सीडी को देखने लगता है। काफी देर तक देखने के बाद उसे उस घर के बाहर जहां हत्या हुई थी, वहां पूरी तरह से मास्क और चेहरे को ढंककर एक व्यक्ति नजर आता है। हालांकि सीसीटीवी फुटेज में उसे पहचान पाना बिल्कुल ही नामुमकिन था, क्योंकि उस शख्स ने खुद को पूरी तरह से कवर किया हुआ था। भौमिक उसका एक फोटो निकाल लेता है। हालांकि सीसीटीवी की इमेज होने के कारण वह फोटो भी बहुत साफ नहीं था। इतनी ही देर में परमार भी वहां पहुंच जाता है। परमार आते ही भौमिक को सेल्युट करता है और भौमिक उसे बैठने का इशारा करता है। 
परमार- सर ये रही लड़की की पोस्टमार्टम रिपोर्ट। 
भौमिक- क्या कुछ खास हाथ लगा है? 
परमार- है तो सर। आप खुद ही देख लीजिए। 
भौमिक उस रिपोर्ट को पढ़ने लगता है। वह जैसे जैसे रिपोर्ट पढ़ता जाता है उसके चेहरे के भाव बदलने लगते हैं। 
भौमिक- परमार, लड़की के शरीर पर 27 बार वार किया गया है। जान से मारने से पहले बहुत तड़पाया गया है। सिर्फ इतना ही नहीं उसके साथ रेप भी किया गया है। ये कातिल है या कोई दरिंदा है। मैं इसे बिल्कुल नहीं छोडूंगा। परमार- जी, सर बहुत ही दर्दनाक मौत दी है इसने उस लड़की को। 
भौमिक- अच्छा इस लड़की के बारे में क्या पता चला परमार? 
परमार- सा, इसका नाम शिराली राठौर है। यह गर्ल्स कॉलेज से पीजी का कोर्स कर रही थी। पुणे की रहने वाली है। अपने अंकल के साथ यहां रहा करती थी। यह घर भी उसके अंकल का ही है और अक्सर यह यहां पढ़ाई करने के लिए आती थी। उसके अंकल का कहना है कि कल भी एग्जाम नजदीक होने के कारण अकेले में पढ़ाई करने के लिए यहां आई थी। 
भौमिक- अगर अकेली आई थी तो फिर इतना सब कैसे हो गया? इसका बैंकग्राउंड क्या कहता है। 
परमार- कॉलेज से पता चला है कि शिराली बहुत ही सिंपल लड़की थी। पढ़ाई में हमेशा अववल रहती थी। कोई ब्वॉयफ्रेंड भी नहीं था। सिर्फ अपनी पढ़ाई पर ही इसका ध्यान रहता था। हां, कभी कभी स्पोर्टस में एक्टिव रहती थी। 
भौमिक- अगर शिराली के साथ ऐसा कुछ नहीं था तो इतनी बेहरमी से इसकी हत्या कौन और क्यों करेगा? 
परमार- ये बात तो मुझे भी समझ नहीं आ रही है सर। आप बताए आगे क्या करें। 
भौमिक- तुम इस लड़की के बारे में और पता करो। अगर पुणे जाना पड़े तो वहां जाओ, पर उसकी हर छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी बात मुझे पता होना चाहिए। 
परमार- जी, सर। मैं पता करता हूं। 
इतना कहने के बाद परमार वहां से चला जाता है और भौमिक एक बार फिर फुटेज को देखने को लगता है। कुछ देर फुटेज देखने के बाद भौमिक उठता है उस घर तक पहुंच जाता है। घर सील था, पर वह अंदर जाता है और बहुत गौर से उस घर को देखने लगता है। वह घर के हर कमरे में तलाशी लेता है। काफी देर तक घर की तलाशी लेने के बाद भी उसे वहां से हत्या से जुड़ा कोई सुराग नहीं मिलता है। वह वापस अपने ऑफिस आ जाता है। अब उसे फॉरेसिंक टीम की रिपोर्ट का इंतजार था। कुछ ही देर में वो रिपोर्ट भी उसके पास आ जाती है। वह रिपोर्ट पढ़ता है और अचानक से चौंक जाता है। वह तुरंत परमार को फोन लगाता है। कुछ ही देर में परमार फिर उसके ऑफिस आ जाता है। 


भौमिक- परमार फॉरेंसिक की रिपोर्ट आई है और....
परमार- वह रिपोर्ट उठाता है और वह भी चौंक जाता है। यह कैसे हो सकता है सर? हमें वहां ऐसा कुछ भी नहीं मिला था। 
भौमिक- हां, परमार मैं खुद अभी थोड़ी देर पहले वहां गया था और एक बार फिर पूरे घर की तलाशी ली, तब भी मुझे वहां कुछ भी देखने को नहीं मिला। 
परमार- तो सर क्या इस हत्या के पीछे कोई जादू-टोना भी है? 
भौमिक- यह तो अभी कह नहीं सकते परमार। ये तो आगे की जांच में ही पता चलेगा। 
दोनों इस बारे में बात कर रह ही रहे थे, कि तभी भौमिक के ऑफिस का फोन बजता है और फोन सुनने के साथ ही भौमिक एक बार फिर से चौंक जाता है। 
भौमिक- परमार जल्दी चलो, लगता है ये हत्यारा कोई सिरफिरा ही है। 
परमार- मतलब एक और? 
भौमिक- हां, परमार। जल्दी चलो। 
इसके बाद दोनों वहां से निकल जाते हैं और शहर की एक और कॉलोनी शाश्वत परिसर में एक मकान के सामने पहुंच जाते हैं। यह शहर की हालांकि एक छोटी कॉलोनी थी। यहां भी एक मकान में तीन बेडरूम एक हॉल के मकान बने हुए थे। मकान के सामने काफी भीड़ जमा थी और पुलिस अपना काम कर रही थी। परमार और भौमिक दोनों घर में जाते हैं। घर के सबसे आखिरी कमरे का नजारा देखकर दोनों के होश उड़ जाते हैं। यहां भी एक 22 से 25 साल की एक लड़की की लाश को उल्टा करके लटकाया गया था। घर के कमरे में लटकाने के कारण कातिल ने रस्सी का इस्तेमाल किया था। शिराली की हत्या की तरह इस लड़की के शरीर पर भी काफी घाव नजर आ रहे थे, मतलब इसे भी मारने से पहले काफी तड़पाया गया था। पूरे घर को देखने के बाद भौमिक यह समझ गया था कि दोनों हत्याओं में कातिल कोई एक ही है और उसका मकसद नफरत नहीं है वह शायद कोई सीरियल कीलर है। कमरे को बड़े गौर से देखने के बाद भी भौमिक को वहां कातिल की पहचान के संबंध में कोई सुराग नहीं मिलता है। 
भौमिक- परमार, घटनाक्रम तो बिल्कुल पहले वाली हत्या के जैसा ही है। इसका मतलब दोनों हत्याओं में कातिल एक ही है। यह किसी सीरियल कीलर का काम लगता है। 
परमार- जी, हां सर। मैं भी यही सोच रहा था। 
भौमिक- पर परमार ? यहां भी तो कोई जादू-टोने वाला कोई सामान नजर नहीं आ रहा है, जबकि फॉरेसिंक की टीम को पहले वाले घटनास्थल पर सिंदूर, कुमकुम, फूल, तेजाब के अंश मिले थे। यहां तो ऐसा कुछ नजर नहीं आ रहा है। 
परमार- जी, हां सर। ऐसा तो कुछ नजर नहीं आ रहा है। 
भौमिक- परमार यह तो कॉलोनी है। लड़की को जिस तरह से टॉर्चर किया गया है, उस हिसाब से तो वह बहुत चीखी, चिल्लाई होगी, पर यहां आसपास किसी ने कुछ सुना नहीं, देखा नहीं? 
परमार- मैं पूछताछ करता हूं सर। 
परमार बाहर निकल जाता है और भौमिक फिर उस कमरे में जाता है, जहां लड़की की लाश लटकी हुई थी। वह बड़े गौर से लाश को देखता है। हालांकि उसकी नजर कमरे में और भी चीजों पर थी। भौमिक अब यह समझ नहीं पा रहा था कि आखिर कातिल हत्या करने के बाद लाश को उल्टा क्यों लटका देता है? ऐसा करके वह क्या साबित करना चाहता है। दूसरी बात जो भौमिक को अब समझ आ रही थी, वह यह कि कातिल 22 से 25 साल की लड़कियों को ही निशाना बना रहा है खासकर वो जो अकेली रहती हो। यह बात तो भौमिक ने मान ली थी कि हत्यारा सीरियल कीलर ही है। अब उसे पकड़ना भौमिक के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। क्योंकि भौमिक यह बात अच्छे से जानता था कि जब तक वह हत्यारा आजाद रहेगा हत्याओं का सिलसिला लगातार जारी रहेगा। इसलिए उसे जल्द से जल्द पकड़ना होगा, वरना ना जाने कितनी लड़कियां उसकी हैवानियत का शिकार हो जाएगी। इसके बाद भौमिक वहां से बाहर निकल जाता है और फॉरेंसिक टीम को अपना काम करने और लाश को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाने के लिए कह देता है। तभी परमार भी वहां आ जाता है। 
परमार- सर, मैंने यहां लगभग सभी लोगों से बात की उनका कहना है कि उन्होंने न तो यहां किसी को आते हुए देखा है और न ही झिलमिल की किसी प्रकार की कोई चीख सुनी है। 


भौमिक- ओह तो इसका नाम झिलमिल है। यह क्या करती थी, क्या यह भी स्टूडेंट ही थी ?
परमार- नहीं सर, यह बेंगलोर की रहने वाली है और यहां एक प्राइवेट कंपनी में सेल्स मैंनेजर के रूप में काम कर रही थी। वो यहां तीन साल है। पड़ोसियों का कहना है कि बहुत अच्छी लड़की थी। उन्होंने इस घर में कभ किसी को भी आते जाते नहीं देखा। झिलमिल बस घर और ऑफिस ही आया-जाया करती थी। 
भौमिक- मतलब एक और सीधी सादी लड़की की हत्या। अकेली, जॉब करने वाली। 
ऐसे ही सोचते हुए भौमिक और परमार वहां से चले जाते हैं। कुछ ही देर में ऑफिस पहुंचने के बाद भौमिक परमार को झिलमिल के बारे में और जानकारी जुटाने के लिए भेज देता है। हमेशा की तरह भौमिक अब दोनों केस के बारे में सोचने लगता है। सोचने के बाद वह तय करता है कि हत्यारा लड़कियों पर नजर रखता है। वह ऐसी लड़कियों की तलाश में रहता है जो घर में अकेली रहती हो। हत्यारा एक खास उम्र की लड़कियों को ही अपना शिकार बना रहा है। हत्यारा हत्या से पहले लड़कियों को बहुत तड़पाता है, शायद उसे इसमें मजा आता होगा। वहीं वह लड़कियों के साथ रेप भी करता है। इस तरह वह काफी देर तक दोनों हत्याओं और हत्यारे के बारे में सोचता रहता है।  

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